सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी महकमा परिषद के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मतगणना को लेकर बुधवार को दिन भर उत्सव जैसा माहौल बना रहा. सिलीगुड़ी महकमा क्षेत्र के चारों प्रखंडों माटीगाड़ा, नक्सलबाड़ी, खोरीबाड़ी व फांसीदेवा के मतगणना केन्द्रों (माटीगाड़ा के नरसिंह विद्यापीठ, नक्सलबाड़ी के नंद प्रसाद हाईस्कूल, खोरीबाड़ी हाईस्कूल तथा फांसीदेवा हाईस्कूल) के सामने सुबह से ही सभी राजनैतिक पार्टियों के उम्मीदवार, नेता व समर्थकों की भीड़ उमड़ी रही.
जैसे-जैसे मतगणना केन्द्रों से उम्मीदवारों के जीत का ऐलान किया गया, जीते उम्मीदवारों में उत्साह बढ़ती गई और उनके समर्थकों में जोश देखा गया. उम्मीदवारों के जीत के एलान के साथ ही उनके खेमे के समर्थकों ने मतदान केन्द्रों के सामने ही होली-दीपावली एक साथ मनायी. वाम मोरचा खेमे के समर्थकों ने जहां लाल गुलाल से एक-दूसरे के चेहरे को लाल किया, वहीं तृणमूल खेमे के समर्थकों ने हरे रंग से एक-दूसरे को रंगा. साथ ही पटाखे फोड़कर भी जीत का जश्न मनाया. इस दौरान कांग्रेस, भाजपा व निर्दलीय जीते उम्मीदवारों के खेमे के समर्थकों ने भी ढोल-बाजे के साथ जीत का आनंद उठाया.
हाइवे पर दिन भर लगा जाम
माटीगाड़ा प्रखंड के नरसिंह विद्यापीठ मतदान केन्द्र से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग (हाईवे) पर मतगणना को लेकर आज दिन भर जाम लगी रही. जाम की वजह उम्मीदवारों के जीत का जश्न था. समर्थक हाईवे पर ही पूरे जोश के साथ जश्न मना रहे थे. इसी वजह से हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई. जाम को लेकर जहां यात्रियों, स्कूली विद्यार्थियों व मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी, वहीं हाईवे को जाममुक्त कराने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट गये. जाम की वजह से खासकर बागडोगरा एयरपोर्ट जाने वाले हवाई यात्रियों एवं उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ा.
तृकां की गुटबाजी हार की वजह : ज्योति तिरकी
सिलीगुड़ी महकमा परिषद की तृकां बोर्ड की पूर्व सभाधिपति ज्योति तिरकी ग्राम पंचायत चुनाव में हार की वजह तृकां की गुटबाजी को करार दिया है. माटीगाड़ा प्रखंड के नरसिंह हाईस्कूल मतगणना केन्द्र में हार की घोषणा के बाद उन्होंने मीडिया के सामने अपनी हार के लिए अपनी पार्टी पर ही ठीकरा फोड़ा. उन्होंने सीधे पार्टी की अंदरूनी कलह एवं सही तरीके से चुनाव प्रचार न करने की बात भी कबूल की. श्रीमती तिरकी का कहना है कि विरोधियों ने चार महीने पहले से ही महकमा परिषद के चुनाव को लेकर कमर कस ली थी, लेकिन तृकां के नेता, मंत्री महीने-डेढ़ महीने पहले ही नींद से जगे. साथ ही इस दौरान चुनाव प्रचार कम, पार्टी में गुटबाजी अधिक हुई.
सुरक्षा के तगड़े इंतजाम
सिलीगुड़ी महकमा क्षेत्र के चारों प्रखंडों माटीगाड़ा, नक्सलबाड़ी, खोरीबाड़ी व फांसीदेवा के मतगणना केन्द्रों (माटीगाड़ा के नरसिंह विद्यापीठ, नक्सलबाड़ी के नंद प्रसाद हाइस्कूल, खोरीबाड़ी हाइस्कूल तथा फांसीदेवा हाइस्कूल) पर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किये गये थे. मतगणना में किसी तरह की गड़बड़ी न हो एवं सुरक्षा के मद्देनजर हरेक मतगणना केंद्रों जहां पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था, वहीं मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से भी नजर रखी जा रही थी. जिला चुनाव अधिकारी (डीएम, दार्जिलिंग) अनुराग श्रीवास्तव एवं महकमा चुनाव अधिकारी (एसडीओ, सिलीगुड़ी) अपने काफिले व पूरे ताम-झाम के साथ हरेक मतगणना केंद्रों पर पहुंचकर मतगणना प्रक्रिया व सुरक्षा का जायजा ले रहे थे. माटीगाड़ा के नरसिंह विद्यापीठ मतगणना कें द्र के सुरक्षा की कमान जहां सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के कंधों पर थी, वहीं नक्सलबाड़ी के नंद प्रसाद हाइस्कूल, खोरीबाड़ी हाइस्कूल तथा फांसीदेवा हाइस्कूल मतगणना केंद्रों के सुरक्षा की कमान दार्जिलिंग जिला पुलिस एवं स्थानीय थानों के पुलिस अधिकारियोें ने संभाली हुई थी. खबर लिखे जाने तक किसी भी मतगणना केंद्रों से कोई गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई है. जिला चुनाव अधिकारी (डीएम) अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि कहीं भी कोई गड़बड़ी नहीं हुई है.
