मालदा. करीब 50 वर्षीय एक आदिवासी महिला ने अपनी हत्या की आशंका जतायी है. जिस इलाके में वह आदिवासी महिला रहती है, वहां के लोग उस पर डायन होने का संदेह करते हैं. महिला ने शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर थाने मेंे अपनी शिकायत दर्ज करायी है. यह घटना ओल्ड मालदा थाना अंतर्गत साहपुर ग्राम पंचायत के भाटरा गांव की है. पीिड़त आदिवासी महिला ने गांव के दो लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है. महिला की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस शुक्रवार जांच के लिए भाटरा गांव गयी.
पुलिस के आने से पहले ही दोनों आरोपी गांव से फरार हो गये हैैं, लेकिन पुलिस ने गांववालों के मन से डायन होने संबंधी कुसंस्कार को खत्म करने के लिए एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया. इस बीच, पीिड़ता महिला जान से मारे जाने की डर से घर लौटने का िहम्मत नहीं जुटा पा रही है. वह अभी भी ओल्ड मालदा थाने में ही शरण ली हुई है. पीिड़त महिला का नाम फूलमणि सोरेन है. करीब सात वर्ष पहले उसके पति की मौत हो चुकी है. एक पुत्री का विवाह भी पास के ही एक गांव में काफी पहले हो चुका है. आदिवासी महिला अपने घर में अकेले ही रहती है. फूलमणि सोरेन ने आरोप लगाते हुए कहा है कि भाटरा गांव मेें पिछले कुछ दिनों से बुखार व पेट की बीमारी से कई लोग पीिड़त हुए हैं.
इसी क्रम उसकी पड़ोसी श्यामली सोरेन व उसके पति लक्ष्मीराम मार्डी ने डायन होने का अफवाह फैला दिया. उन्होंने कहा कि डायन करार देकर उसकी हत्या भी की जा सकती है. पुलिस में दर्ज करायी गयी शिकायत में फूलमणि सोरेन ने बताया है कि श्यामली सोरेन व लक्ष्मीराम मार्डी एक सितंबर को बुखार से पीिड़त हुआ था और वह झाड़-फूंक कराने के लिए एक ओझा के पास गया था. वहां से लौटने के बाद ही वह उसे डायन करार दे रहा है.
जमीन पर नजर
फूलमणि सोरेन ने बताया िक उनके पास दो बीघा जमीन है और इस दो बीघा जमीन को हथियाने के लिए उसके पड़ोसी साजिश रच रहे हैं. जब से उन्हें डायन करार दिया गया है, वह आतंकित है. गांव के काफी लोग उसे संदेह की नजरों से देख रहे हैं. ऐसी स्थिति में लोग पीट-पीटकर उनकी हत्या कर सकते हैं. अपनी जान के डर से पिछले सप्ताह वह घर छोड़कर अपने एक िरश्तेदार के यहां चली गयी थी. वहां दो दिन रहने के बाद परिजनों ने उन्हें पुलिस से सहायता मांगने की सलाह दी. उसके बाद ही वह पुलिस से सहायता मांगने आयी है. महिला ने आगे कहा कि पुलिस उसे घर छोड़ना चाहती है. पुलिस तो एक बार उसे घर छोड़कर वापस लौट जायेगी. उसके बाद अगर कोई घटना घटती है, तो उसका बचाव कौन करेगा. इसी वजह से वह अब अपने घर वापस नहीं लौटना चाहती. इस बीच, इस मुद्दे को लेकर आज कई वरष्ठि पुलिस अधिकारी भाटरा गांव गये और गांववालों के साथ बातचीत की. लेकिन किसी भी गांववालों ने इस संबंध में पुलिस को कुछ भी नहीं बताया.
कुसंस्कार का असर
इंगलिश बाजार थाना के आइसी शांतनु मत्रि ने बताया है कि डायन होने जैसी बात एक प्रकार का कुसंस्कार है. कुछ लोगों में यह कुसंस्कार घर कर गया है. इसी वजह से भाटरा गांव में जागरूकता शिविर आयोजित करने का िनर्णय लिया गया है. दो लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करायी गयी है और पुलिस आरोपियों को तलाश रही है.
