उसके पास इतने आग्नेयास्त्र कहां से आया, यह जानने के लिए पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सर्जन शेख के खिलाफ अपहरण, डकैती, हत्या समेत विभिन्न आपराधिक मामलों से जुड़े छह शिकायत दर्ज है. दूसरी ओर, तृणमूल नेता सर्जन शेख के घर से आग्नेयास्त्र बरामद की घटना को लेकर विभिन्न राजनीतिक पार्टियांे ने राजनीति शुरू कर दी है.
भाजपा, कांग्रेस, माकपा समेत सभी राजनीतिक पार्टियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के पहले सत्तारुढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस असामाजिक तत्वों की मदद से इलाका दखल कर वोट लूटने की कोशिश में जुट गयी है. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कालियाचक में पिछले एक महीने में घटी विभिन्न आपराधिक घटनाओं के बाद नवान्न से शनिवार को तृणमूल कांग्रेस नेता बकुल शेख को गिरफ्तार करने का निर्देश जिला पुलिस को दिया गया. बकुल शेख की गिरफ्तारी के निर्देश के एक दिन बाद ही तृणमूल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुआज्जेन हुसैन ने बकुल शेख को पार्टी से निष्कासित करने का निर्देश जारी किया. मुआज्जेन हुसैन ने बताया कि पार्टी विरोधी कामकाज के लिए उसे तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित किया गया है.
इस घटना के संबंध में माकपा के जिला सचिव अंबर मित्र ने बताया कि पुलिस अगर निष्पक्ष भूमिका पालन करती तो इलाके में असामाजिक तत्व इस तरह से खुलेआम हथियार लेकर नहीं घुमते. मालदा में तृणमूल के दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई काफी दिनों से चल रही है और बेगुनाह लोगों को इस लड़ाई की सजा मिल रही है. पुलिस सब कुछ जानकर भी कोई कदम नहीं उठा रही है. बकुल शेख को गिरफ्तार करवा कर तृणमूल कांग्रेस अपना दायित्व खत्म करने की कोशिश कर रही है. कालियाचक में बकुल शेख की तरह कई अपराधी सत्तारुढ़ दल तृणमूल कांग्रेस के छत्रछाया में पल रहे हैं. विधानसभा चुनाव के पहले तृणमूल कांग्रेस असामाजिक तत्वों के बल पर वोट लूटने की कोशिश में जुट गयी है.
