वह दिन में 11.30 बजे भारी संख्या में अपने समर्थकों के साथ सिलीगुड़ी नगर निगम पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू किया. बाद में यह लोग मेयर अशोक भट्टाचार्य के कार्यालय के सामने पहुंचे और उनका घेराव किया. रंजनशील शर्मा ने अपने विभिन्न मांगों के संबंध में मेयर अशोक भट्टाचार्य को एक ज्ञापन भी दिया है. बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए रंजनशील शर्मा ने कहा कि सिलीगुड़ी नगर निगम में वाम मोरचा बोर्ड के गठन के बाद से तृणमूल कांग्रेस के कब्जे वाले वार्डों की उपेक्षा हो रही है. मेयर अशोक भट्टाचार्य वार्डों में विकास कार्यों को लेकर राजनीति कर रहे हैं.
श्री शर्मा ने आगे कहा कि वाम मोरचा बोर्ड के गठन हुए करीब तीन महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन उनके 37 नंबर वार्ड में किसी भी विकास परियोजनाओं की मंजूरी नहीं दी गई. वह जब भी मेयर से इस बात की शिकायत करने आते हैं, तो उनका कहना होता है कि काउंसिलरों द्वारा डिमांड नोट नहीं मिलने की वजह से कोई कार्रवाई नहीं की गई.
जबकि वास्तविक स्थिति ऐसी नहीं है. उन्होंने कहा कि इस महीने की 13 तारीख को अपने वार्ड की विभिन्न समस्याओं तथा योजनाओं को लेकर मेयर को चिट्ठी लिखी थी. अब मेयर चिट्ठी नहीं मिलने का बहाना बना रहे हैं. उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में और भी वृहद आंदोलन करेंगे. इधर, इस मुद्दे पर मेयर अशोक भट्टाचार्य का कहना है कि वह विकास के मामले में किसी भी प्रकार की कोई राजनीति नहीं करते. विभिन्न वार्डों के साथ-साथ 37 नंबर वार्ड में भी नगर निगम द्वारा आवश्यक परियोजनाओं की मंजूरी दी गई है.
