सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी नगर निगम के वाम बोर्ड के मेयर अशोक भट्टाचार्य पर हो रहे बार-बार हमले को लेकर राजनीति भी गरमा उठी है. रविवार को हिलकार्ट रोड स्थित वाम मोरचा का जिला मुख्यालय अनिल विश्वास भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान श्री भट्टाचार्य ने मीडिया को बताया कि शनिवार की शाम को हुए जानलेवा हमले एवं एनजेपी पुलिस चौकी में तथाकथित तृणमूल हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद वामपंथी नेताओं को पुलिस धमकी दे रही है. कल रात को कई नेताओं के घरों में जबरन घुसकर पुलिस ने यह धांधली की है.
उन्होंने कहा कि पुलिस की धांधली एवं तृणमूल कांग्रेस की ज्यादतियां अब और बरदाश्त नहीं की जा सकती. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि मेयर पर हमला सिलीगुड़ी की जनता पर हमला है. तृणमूल को इसका जवाब जनता ही देगी. पुलिस व तृणमूल कांग्रेस के विरूद्ध वाम मोरचा विभिन्न तरीकों से लगातार आंदोलन करेगी. बार-बार हो रहे हमले के खिलाफ सोमवार को सिलीगुड़ी नगर निगम में काला दिवस मनाया जायेगा. सभी वामपंथी पार्षद व निगम के वाम कर्मचारी काला बैच लगाकर काम करेंगे. साथ ही थाना एवं पुलिस हेडक्वार्टर का घेराव किया जायेगा व पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा जायेगा. साथ ही तृणमूल की ज्यादतियों के खिलाफ धिक्कार रैली निकाली जायेगी.
प्रेस वार्ता के दौरान माकपा नेता व 46 नंबर वार्ड के पार्षद मुकुल सेनगुप्त ने भी उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव पर सीधा हमला करते हुए कहा कि तृणमूल के नेता-मंत्रियों पर अशोक भट्टाचार्य के नाम का खौफ छाया हुआ है. अशोक के नाम से ही तृणमूल आतंकित व बौखला जाती है. इसी वजह से उन पर बार-बार जानलेवा हमला कराया जा रहा है. पुलिस प्रशासन भी तृणमूल के नेता-मंत्रियों के हाथों के कठपुतली बनकर रह गये हैं. उनके इशारे पर ही पुलिस तृणमूल के विरूद्ध किसी भी मामलों में कोई हाथ नहीं देती. उल्टा वामपंथी नेताओं व समर्थकों को ही डराया-धमकाया एवं मिथ्या मामलों में गिरफ्तारी की जाती है.
श्री गुप्त ने कहा कि तृणमूल यह सब आगामी चुनावों के मद्देनजर ऐसी ओछी राजनीति कर रही है. तृणमूल के हिंसक राजनीति का जवाब पहले ही सिलीगुड़ी की जनता ने निगम चुनाव में दे दिया. अब महकमा परिषद व विधानसभा चुनाव में भी तृणमूल को करारा जवाब जनता ही देगी.
अशोक पर गौतम का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस के दार्जिलिंग जिला अध्यक्ष गौतम देव ने अशोक भट्टाचार्य पर हुए हमले पर पलट वार करते हुए कहा कि तृणमूल को बदनाम करने की यह वाम मोरचा की सोची-समझी साजिश है. तृणमूल कांग्रेस बदले व हिंसक राजनीति पर विश्वास नहीं करती, बल्कि बदलाव व विकास की राजनीति पर विश्वास करती है. 15 अगस्त की शाम एवं शनिवार की शाम को अशोक भट्टाचार्य पर हुआ हमला वाम मोरचा द्वारा ही पहले से रची साजिश थी.
