जलपाईगुड़ी : रक्षा बंधन के दिन सभी भाईयों को अपनी बहनों व सभी बहनों को अपने भाईयों की याद आती है. भाई जहां भी हो, बहन भाई के पास जाती है या फिर भाई बहन के पास राखी बंधवाने आता है. जलपाईगुड़ी जिला संशोधनागार में भी ऐसे कई भाई व बहन कैद हैं. संशोधनागार में कैद कई भाईयों को आज बहनों ने आकर उनके कलाईयों में राखी बांधी व उनका मुंह मीठा करवाया.
लेकिन कुछ कैदी ऐसे हैं जिनके लिए आज का दिन एक दु:खद बना हुआ था, ऐसे भाई-बहनों के चेहरे पर हंसी लाने के लिए समाज व नदी बचाओ कमेटी ने संशोधनागार में रक्षा बंधन कार्यक्रम का आयोजन किया. जलपाईगुड़ी संशोधनागार में सजा काट रहे विचाराधीन व सजा प्राप्त पुरुष व महिला कैदियों के रक्षा बंधन कार्यक्रम ने भाईचारे का अनोखा संदेश पेश किया.
संधोनागार की महिला कैदियों ने पुरुष कैदियों को राखी पहनाया. संशोधनागार में रक्षा बंधन कार्यक्रम का आयोजन समाज व नदी बचाओ कमेटी की ओर से किया गया था. उल्लेखनीय है कि जलपाईगुड़ी जिले में सजा प्राप्त व विचाराधीन कैदियों की संख्या करीब 1300 है. यहां कई राजनीतिक नेता व केएलओ उग्रवादी भी कैदी के रूप में कैद हैं. संधोशनागार के अंदर कम्यूनिटी हॉल मंे कैदियों के बीच रक्षा बंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस अवसर पर तृणमूल कांग्रेस के कृषक नेता दुलाल देवनाथ, एसजेडीए के इंजीनियर व जलपाईगुड़ी नगरपालिका के पार्षद विश्वजीत सरकार उपस्थित थे. समाज व नदी बचाओ कमेटी के प्रवक्ता संजीव चटर्जी ने बताया कि घर-परिवार से दूर भाई-बहनों के दु:खों को कम करने के लिए यह पहल की गयी.
