सिलीगुड़ी महकमा परिषद चुनाव, सहयोगी ढूंढ़ने में जुटे सभी दल

सिलीगुड़ी. तीन अक्टूबर को सिलीगुड़ी महकमा परिषद का चुनाव होना करीब-करीब तय है. इसको लेकर एक ओर जहां प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोर-शोर से जारी है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी चुनावी मैदान मारने के लिए आवश्यक कवायद शुरू कर दी है. सिलीगुड़ी महकमा परिषद के चुनाव में इस बार चतुष्कोणीय मुकाबला […]

सिलीगुड़ी. तीन अक्टूबर को सिलीगुड़ी महकमा परिषद का चुनाव होना करीब-करीब तय है. इसको लेकर एक ओर जहां प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोर-शोर से जारी है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी चुनावी मैदान मारने के लिए आवश्यक कवायद शुरू कर दी है. सिलीगुड़ी महकमा परिषद के चुनाव में इस बार चतुष्कोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है. पिछले चुनाव में भाजपा की स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी और तृणमूल कांग्रेस का भी कहीं अता-पता नहीं था. वर्ष 2009 के चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस एवं वाम मोरचा उम्मीदवारों के बीच थी. इस बीच, राजनीतिक परिस्थिति पूरी तरह से बदल गई है.

महकमा परिषद चुनाव में वाम मोरचा तथा कांग्रेस के अलावा तृणमूल एवं भाजपा भी मुख्य मुकाबले में रहेगी. राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार है और इस पार्टी ने सिलीगुड़ी महकमा परिषद का चुनाव जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. कुछ महीने पहले सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव में वाम मोरचा की जीत हुई थी और इससे तृणमूल कांगे्रस के खेमे में तब से ही हलचल है. तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष तथा उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव किसी भी प्रकार का कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते.

यही वजह है कि वह छोटे-छोटे दलों को भी अपने साथ लेकर सिलीगुड़ी महकमा परिषद चुनाव में उतरना चाहते हैं. ऐसी स्थिति सिर्फ तृणमूल कांग्रेस की ही नहीं है. अन्य दल भी अपने राजनीतिक सहयोगियों को तलाशने में जुटे हुए हैं. वाम मोरचा जहां अपने सभी घटक दलों को साथ लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी, वहीं भाजपा का गोजमुमो के साथ गठबंधन पहले से ही घोषित है. ऐसे भाजपा आदिवासी विकास परिषद को भी अपने खेमे में लाना चाहती है, लेकिन आदिवासी विकास परिषद (आविप) का भाजपा के खेमे में जाना तय नहीं दिख रहा है. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव की आविप नेता बिरसा तिरकी के साथ एक बैठक हुई है. महकमा परिषद चुनाव से ठीक पहले दोनों नेताओं के बीच इस बैठक के कई मायने निकाले जा रहे हैं. हालांकि दोनों ही नेता इस बारे में खुलकर कुछ भी नहीं कहना चाहते. यहां उल्लेखनीय है कि सिलीगुड़ी महकमा परिषद इलाके में आदिवासियों की जनसंख्या काफी अधिक है. यही वजह है कि आदिवासी वोटों को सभी राजनीतिक दल अपने पक्ष में करने की जुगत लगा रहे हैं. गौतम देव तथा बिरसा तिरकी के बीच हुई इस मुलाकात को लेकर भाजपा नेता थोड़ा परेशान दिख रहे हैं. हालांकि अपने स्तर पर भाजपा द्वारा भी चुनावी तैयारी की जा रही है. भाजपा के जिला महासचिव नंदन दास का कहना है कि सिलीगुड़ी महकमा परिषद चुनाव के लिए भाजपा ने सभी आवश्यक तैयारियां कर ली है. भाजपा सभी सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतारेगी. विभिन्न दलों के साथ गठबंधन को लेकर भी बातचीत जारी है.


उन्होंने कहा कि गोजमुमो के साथ लोकसभा चुनाव से ही गठबंधन जारी है और यह गठबंधन सिलीगुड़ी महकमा परिषद चुनाव में भी जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि गोजमुमो के अलावा केपीपी तथा आविप से भी बातचीत चल रही है.


इधर, सिलीगुड़ी महकमा परिषद चुनाव को लेकर वाम मोरचा तथा कांग्रेस में भी बैठकों का दौर शुरू है. आज सोमवार को वाम मोरचा के घटक दलों के बीच सिलीगुड़ी महकमा परिषद चुनाव को लेकर एक बैठक हुई. पार्टी नेताओं का कहना है कि सभी सीटों पर उम्मीदवारों के नाम करीब-करीब तय कर लिये गये हैं. सभी घटक दल एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे. सिलीगुड़ी महकमा परिषद चुनाव को लेकर कांग्रेस की भी एक बैठक बुधवार को होगी. कांग्रेस नेताओं के अनुसार इस बैठक में उम्मीदवारों के नामों की चर्चा की जायेगी.

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