बालुरघाट : गंगारामपुर नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन प्रशांत सहित कुल तीन पार्षदों को पद से हटा दिया गया. इस बारे में गंगारामपुर महकमा शासक की ओर से चिट्ठी के जरिए जानकारी दी गयी है. विप्लव मित्र के भाई प्रशांत मित्र, तुलसी प्रसाद चौधरी एवं अमिता सरकार विश्वास अब पार्षद या नगरपालिका सदस्य नहीं रहे.
जानकारी मिली है कि बीते 28 जून 2019 को तृणमूल के पूर्व जिलाध्यक्ष विप्लव मित्र भाजपा में शामिल हो गये. इसके बाद गंगारामपुर नगरपालिका के तत्कालीन चेयरमैन तथा विप्लव के भाई प्रशांत को तृणमूल से बहिष्कार करने की घोषणा की गयी. प्रशांत नगरपालिका पार्षद थे. बाद में अविश्वास प्रस्ताव के द्वारा प्रशांत को चेयरमैन पद से हटाते हुए नगरपालिका में तृणमूल सदस्यों ने बहुमत साबित किया. इसके बाद से गंगारामपुर नगरपालिका के 7 नंबर वार्ड पार्षद प्रशांत मित्र, 10 नंबर वार्ड पार्षद तुलसी प्रसाद चौधरी व 3 नंबर वार्ड की अमिता सरकार विश्वास को भाजपा की ओर झुकते देखा गया.
इन तीनों को पार्षद पद से हटाने की तृणमूल ने तत्परता शुरू की. जिलाध्यक्ष अर्पिता घोष ने इन तीनों के खिलाफ काम के क्षेत्र में असफल होने का आरोप लगाते हुये जिला प्रशासन को चिट्ठी दी. इसके बाद प्रशासन की ओर से उन तीनों को चिट्ठी के जरिए बुलावा भेजा गया. लेकिन वे हाजिर नहीं हुए. नियमानुसार इनके पक्ष में एक तृतियांश बहुमत होना जरुरी था. जो उनके पास होने का दावा करते हुए प्रशांत मित्र ने जवाबी चिट्ठी भेजी लेकिन उसे साबित नहीं कर पाये. इसके बाद गंगारामपुर नगरपालिका से इसबार तीन सदस्यों को पद से बरखास्त कर दिया गया. हालांकि इसबारे में प्रशांत मित्र व अन्य दो ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया.
