तृणमूल नेता के मौके पर पहुंचने के बाद चली गयी आयकर टीम
सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी के सेवक स्थित घोष नर्सरी बिल्डिंग के एक रंग दुकान में आयकर विभाग के छापेमारी की घटना से बुधवार को इलाके में तनाव व्याप्त हो गया. छापामारी करने गये आयकर विभाग के अधिकारियों को व्यापारियों ने छह घटे तक बंधक बनाकर विरोध भी जताया. इस दौरान सेवक रोड के व्यापारियों ने कई घंटों तक दुकानें बंद रखीं.
परिस्थिति काबू से बाहर जाता देख सिलीगुड़ी थाना व पानीटंकी आउट पोस्ट से भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी. बाद में सिलीगुड़ी थाना के आईसी की उपस्थिति में आयकर विभाग के अधिकारियों ने अपना काम शुरू किया.
बाद में दार्जिलिंग जिला तृणमूल अध्यक्ष रंजन सरकार के मौके पर पहुंचने के बाद आयकर विभाग अधिकारियों को अपना काम बंद करना पड़ा. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह साढ़े 11 बजे के आसपास आयकर विभाग के लगभग 11 अधिकारियों की टीम सेवक रोड के घोष नर्सरी बिल्डिंग स्थित मुकेश अग्रवाल के रंग दुकान में आ धमके. स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि छापेमारी व सर्वे का काम करने के लिए उनके पास वैध कागजात नहीं थे.
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि व्यापारियों द्वारा छापेमारी के लिए जरूरी दस्तावेज देखने की इच्छा जाहिर करने पर अधिकारियों ने उनके साथ गलत व्यवहार किया. इसके अलावा जब व्यापारी एकजुट हुए तो मौका देखकर आयकर विभाग के चार अधिकारी वहां से घिसक गये. बाद में बाकी के बचे अधिकारियों को व्यापारियों ने बंधक बनाकर विरोध जताना शुरू कर दिया. घटना की खबर मिलते ही सिलीगुड़ी थाना व पानीटंकी आउट पोस्ट से विशाल पुलिस बल मौके पर पहुंची.
नहीं था डिपार्टमेंट का कंप्यूटर जनरेटेड डीआइएन ः इस विषय पर हार्डवेयर मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप सिंघल ने बताया कि वित्त मंत्रालय के निर्देशानुशार किसी भी प्रकार के सर्वे तथा छापेमारी से पहले डिपार्टमेंट का कंप्यूटर जनरेटेड डोकोमेंस आइडेंटिफिकेशन नंबर (डीआइएन) ऑर्डर अनिवार्य है. बिना डीआइएन के इस प्रकार की छापेमारी तथा सर्वे का कोई आधार नहीं होता.
उन्होंने बताया कि रेड करने आये अधिकारियों के पास डीआइएन ऑर्डर नहीं था. जिसको लेकर व्यापारियों ने इसका विरोध जताया. श्री सिंघल ने बताया कि एक तो वैसे ही व्यापार मंदा चल रहा है. उपर से इस तरीके के हथकंडों को अपनाकर बिना मतलब व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि फिलहाल परिस्थिति सामान्य है.
व्यापारियों का आरोप ः सिलीगुड़ी मर्चेंट एसोसिएशन के महासचिव गौरीशंकर गोयल ने बताया कि अचानक से कुछ लोग आकर अपने आपको आयकर विभाग का अधिकारी बताकर दुकान में कागजातों का उलट-पुलट करने लगे. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उन अधिकारियों ने दुकान के कैश बॉक्स तथा कंप्यूटर में बिना किसी के अनुमति के छेड़छाड़ किया.
व्यपारियों द्वारा इसका विरोध करने पर अधिकारियों ने व्यपारियों के साथ गलत व्यवहार किया. उन्होंने बताया कि व्यपारियों ने दिसंबर तक का अपना रिटर्न जमा कराया है. सरकार के खाते में इन व्यापारियों का रिकॉर्ड साफ है.
