मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में मनाया काला दिवस
सिलीगुड़ी : सीएए-एनआरसी-एनपीआर तो बहाना है ‘बेरोजगार और मंदी’ छिपाना है…, आरएसएस मुक्त भारत गढ़ना है… जैसे नारों के साथ-साथ अब सिलीगुड़ी में भी आजादी की आवाज गूंजने लगी. जम्मू घाटी-दिल्ली के बाद सिलीगुड़ी में आजादी की यह आवाज शुक्रवार को युवा कांग्रेसियों ने लगायी. भैंसा गाड़ी लेकर कांग्रेसी जहां सड़क पर उतरे, वहीं महंगाई के विरोध में थाली बजा और लालटेन जला कर जबरदस्त प्रदर्शन किया. साथ ही प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरूद्ध में काला दिवस भी मनाया.
सिलीगुड़ी विधानसभा यूथ कांग्रेस के बैनर तले और माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के विधायक शंकर मालाकार, दार्जिलिंग जिला कांग्रेस के महासचिव जीवन मजूमदार, राजीव पाठक की अगुआई में यह रैली शहर के एयरव्यू मोड़ (महात्मा गांधी मोड़) से शुरू हुई, जो हिलकार्ट रोड, सेवक मोड़, हाशमी चौक पहुंचकर समाप्त हो गयी.
शंकर मालाकार ने कहा कि मोदी और शाह मिलकर देशवासियों को बेवकूफ मना रहे हैं. सीएए, एनआरसी, एनआरपी का जाप जपकर देश में छायी बेरोजगारी व मंदी को छुपाने की ओछी राजनीति कर रहे हैं.
सिलीगुड़ी विधानसभा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष रोहित तिवारी ने दिल्ली में हुई गोली कांड की तीव्र निंदा करते हुए मोदी सरकार की तुलना हिटलरशाही से की. उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोकतांत्रिक व शांति पूर्ण तरीके से किये जा रहे प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर गोली चलाने की घटना पूरी तरह मोदी सरकार व आरएसएस की सोची-समझी साजिशहै. इसे युवा कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.
तिवारी ने मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मोदी अपनी हिटलरशाही से बाज नहीं आते हैं तो कांग्रेसी विभिन्न तरीकों से लगातार आंदोलन करने को मजबूर होंगे. विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सेवा दल के दार्जिलिंग जिला इकाई के महासचिव मेहदी हुसैन, दार्जिलिंग जिला छात्र परिषद के अध्यक्ष शहनवाज हुसैन, सिलीगुड़ी विधानसभा यूथ कांग्रेस के महासचिव सैज आलम, डाबग्राम-फूलबाड़ी युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष बापी चौधरी समेत बड़ी संख्या में युवा कांग्रेसी शामिल हुए.
