बालुरघाट : विभिन्न सरकारी कार्यालयों में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ो रुपये ऐंठने का आरोप बालुरघाट की एक महिला पर लगा. हालांकि उस महिला ने खुद को प्रभावशाली तृणमूल नेता बताती हैं.
नौकरी नहीं मिलने से नाराज प्रताड़ितों ने रुपये लौटाने की मांग पर मंगलवार सुबह से दोपहर तक बालुरघाट पावर हाउस रामकृष्णपल्ली इलाके में आरोपी महिला के घर के सामने धरना प्रदर्शन किया. मामले की खबर पाकर बालुरघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची. बाद में प्रताड़ितों ने बालुरघाट थाने में आरोपी संगिता देव (दास) के खिलाफ दर्ज करवायी.
जानकारी मिली है कि संगिता देव के पति प्रसाद देव पेशे से ऑटो चालक है. उसे एक बेटा भी है. आरोप है कि संकिता देव खुद को ह्यूमन राइट्स का कर्मचारी बताती थी. साथ ही तृणमूल नेता मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री के साथ उसकी विशेष पहचान बताकर इलाके में अपना दबदबा कायम कर रखा है.
इसी दबदबे से वह इलाके में किसी को सरकारी प्राथमिक स्कूल के शिक्षक तो किसी को पुलिस या डब्लूबीसीएस ऑफिसर के तौर पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया. इस तरह से वह लोगों से करोड़ो रुपये ऐंठ लिये. लेकिन नौकरी नहीं मिलने पर लोगों ने रुपया मांगना शुरू किया. बार बार उनके पास जाने के बाद संगिता देव ने कई लोगों को चेक दिया. लेकिन चेक भी बाउंस कर गया.
आखिरकार मंगलवार सुबह से आरोपी के घर के सामने लगभग 30 प्रताड़ित इकट्ठा होकर धरने पर बैठ गये. हालांकि घटना के दौरान आरोपी संगिता देव घर पर मौजूद नहीं थी. उसका बेटा घर पर था लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला. पुलिस आने पर वह बाहर निकला.
जानकारी मिली है कि उस महिला के खिलाफ रुपये ऐंठने के आरोप पर बालुरघाट थाना व जिला पुलिस अधिक्षक के पास शिकायत दर्ज हुई थी.प्रताड़ित प्रमिला बर्मन, लिपिका दास व कौशिक दास ने बताया कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनके पास से लाखों रुपए महिला ने लिये. तीन चार साल पहले मुख्यमंत्री व अभिषेक बनर्जी के करीबी बताकर एक एक के पास से उसने चार से पांच लाख रुपये लिये.
लेकिन काफी समय बाद भी जब नौकरी नहीं मिली तो एक एक कर सभी संगिता देव के घर शिकायत करने पहुंचने लगी. संगिता देव ने किसी किसी को चेक दिये लेकिन बैंक में जमा करने पर वह बाउंस कर गया. मजबूरन उन्हें आरोपी के घर पर धरना देना पड़ा. हालांकि आरोपी के बेटे ने मामले को अस्वीकार कर दिया. मामले पर हेडक्वाडर धीमान मित्र ने बताया कि शिकायत मिलने पर मामले की छानबीन की जायेगी.
