मालदा : भयावह अग्निकांड और अग्निशमन विभाग की संवेदनहीनता के चलते एक सब्जी विक्रेता का पक्का घर जलकर राख हो गया. इसके साथ ही कमरे में रखे नकद डेढ़ लाख रुपये समेत सोने के गहने और बड़ी मात्रा में असबाब नष्ट हो गये. यह घटना रविवार की रात ओल्ड मालदा थानांतर्गत सदरघाट इलाके के डोबापाड़ा में हुई है.
घटना के बाद से सब्जी विक्रेता प्रसेनजित मडल और उनकी पत्नी सीता मंडल रातोंरात सड़क पर आ गये हैं. अपने घर को राख की ढेर में तब्दील हुआ देख इस दंपती का रोरोकर बुरा हाल है. इनको पछतावा एक ही बात का है कि अगर समय पर दमकल भी पहुंच गया होता तो इनका घर और रुपये व गहने बच सकते थे. दंपती का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद दमकल नहीं पहुंचा. स्थानीय लोगों ने ही दौड़धूप कर काफी मशक्कत के बाद आग को काबू किया.
लेकिन तब तक उनका सबकुछ लुट चुका था. जानकारी मिलने पर ओल्ड मालदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची जबकि अग्निशमन केंद्र के अधिकारियों ने इस बाबत कोई मंतव्य नहीं किया. इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में तीखी नाराजगी है. पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार अगलगी की घटना शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है.
पुलिस और स्थानीय सूत्र के अनुसार सब्जी विक्रेता प्रसेनजित मंडल और उनकी पत्नी सीता मंडल अपने पक्का मकान में रहते थे. इनके चार और पांच साल के दो बच्चे भी हैं. प्रसेनजित मंडल ने बताया कि उनका जमा किये हुए डेढ़ लाख रुपये घर में रखे थे.
उसके साथ पत्नी के सोने के गहने और बड़ी मांत्रा में असबाब भी नष्ट हो गये. घटना के समय वह घर पर नहीं थे. सब्जी बेचकर लौटने के बाद पत्नी और बच्चों को साथ लेकर बाहर बाजार करने गये थे. इसी बीच यह घटना हुई. उन्होंने कहा कि अगर दमकल पहुंच जाता तो शायद उनकी संपत्ति कुछ बच गयी होती. दमकल केंद्र को बार बार फोन किया गया लेकिन वहां से किसी ने उसे रिसीव ही नहीं किया.
