कालचीनी : डुआर्स के विभिन्न चाय बागानों में हाथियों का आक्रमण लगातार जारी है. हाथियों के बढ़ते आक्रमण को देखते हुए श्रमिकों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है. एक बार फिर से एक जंगली हाथी ने गांव में प्रवेश कर एक साथ कुल सात श्रमिकों के आवासों को क्षतिग्रस्त कर दिया.
मिली जानकारी के अनुसार अलीपुरद्वार जिले के कालचीनी प्रखंड स्थित मैचपाड़ा चाय बागान के पक्का लाईन इलाके में एक जंगली हाथी ने रविवार की रात लगभग नौ बजे बाक्सा के जंगल से गांव में प्रवेश कर गया. इसके बाद स्थानीय श्रमिक जसिंता उरांव, नकुल साहू, सुभाष राई, विकास उरांव, फुलू उरांव, गब्रेल मुंडा समेत कुल सात श्रमिकों के घरों पर लगातार हमला करते हुए तोड़ता गया.
इस घटना में हाथी ने कई घरों के टीवी, आलमारी, चौकी जैसे विभिन्न प्रकार की सामग्रियों को भी तोड़फोड़ कर बर्बाद कर दिया. जबकि कुछ श्रमिकों के घर में रखे दाल, चावल, आटा, सब्जी जैसे समस्त खाद्य सामग्रियों को खाकर बर्बाद करता रहा. इस घटना में क्षतिग्रस्त परिजन किसी तरह जान बचाकर घर से बाहर की ओर भागे.
इसके बाद स्थानीय श्रमिकों व घटनास्थल पर पहुंचे वनकर्मियों ने मिलकर पटाखा फोड़ते हुए हाथी को वापस जंगल की ओर वापस भेजा. वहीं वर्तमान परिस्थिति में लगातार हाथियों के हमले से बागान के श्रमिकों में दहशत का माहौल बन गया है.
इस विषय पर पीड़ित परिजन नकुल साहू ने बताया कि रात लगभग नौ बजे हाथी गांव में प्रवेश कर तहस-नहस करके चला गया. उन्होंने कहा कि जैसे हम खानपान करके अपने बीवी बच्चों के साथ सोने गये. उसी दौरान हाथी ने हमारे घर पर हमला कर दिया. किसी तरह हम अपने बीवी-बच्चों को लेकर दूसरी ओर भागे, लेकिन हाथी ने हमारे घर के दीवार पूरी तरह तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया एवं घर का सारा सामान उलट-पुलट कर रख दिया.
वहीं एक अन्य पीड़ित सुभाष राई ने बताया कि हमारा एक छोटा सा श्रमिक परिवार है. किसी तरह बागान में काम करके हम अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं. लेकिन हाथी ने आक्रमण करके हमारे घर को तोड़ दिया. इसके साथ- साथ अंदर प्रवेश करके घर में रखे पूरे सप्ताह का चावल, दाल, आटा व सब्जियां खाकर बर्बाद कर दिया. उन्होंने कहा हाथी ने हमारी छोटी सी आशियाना को उजाड़ कर रख दिया. इस ठंड में हम कैसे सोएंगे, कहां जाएंगे. कुछ समझ नहीं आ रहा.
उन्होंने प्रशासन के समक्ष जल्द से जल्द कुछ व्यवस्था करने का निवेदन किया. स्थानीय निवासी कमल लामा ने बताया कि रात के अंधेरे में हाथी आकर हमारे इलाके में जमकर तबाही मचाई है. हाथी ने एक-एक करके कुल सात घरों को निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि ऐसी घटना यहां वर्ष भर में कई बार होती रहती है. वर्तमान में लगातार ऐसी घटना से पूरे इलाके के समस्त श्रमिकों के मन में दहशत उत्पन्न हो गया है.
हैमिल्टनगंज रेंज वन विभाग के रेंजर अमलेन्दु माझी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते हमारे वनकर्मी घटनास्थल पर मौके पर पहुंचे एवं स्थानीय लोगों के सहयोग से हाथी को वापस जंगल की ओर भेजा गया.
उन्होंने कहा कि सोमवार की सुबह फिर हम अपने वनकर्मियों के साथ घटनास्थल पर गये हुए थे. इस विषय पर हमने बागान प्रबंधन व स्थानीय श्रमिक नेताओं के साथ बातचीत भी की. इसका कोई व्यवस्था निकलने के प्रयास में हम सब जुटे हुए है. इसके साथ-साथ उन्होंने कहा कि इलाके में हम एक विलेज रिस्पांस टीम बनाने के प्रयास में हैं, ताकि ऐसी घटना होने से पहले उसे रोकने का प्रयास किया जा सके. बागान मैनेजमेंट की ओर से भी काफी हद तक सहयोग प्रदान किया जा रहा है.
