आशंका : जलढाका नदी संलग्न जंगल-झाड़ में छिपे होने का अनुमान, वन विभाग चला रहा निगरानी
मयनागुड़ी : हाथियों के उपद्रव के बाद इस बार एक गैंडा बस्ती इलाके में घुस आया है जिससे स्थानीय ग्रामीणों में दहशत है. यह घटना मयनागुड़ी ब्लॉक अंतर्गत आमगुड़ी ग्राम पंचायत के चापगढ़ इलाके में हुई है. अनुमान किया जाता है कि गैंडे ने जलढाका नदी के किनारे वाले जंगल-झाड़ में शरण ले रखी है. वन विभाग उसकी तलाश में हैं. स्थानीय ग्रामीणों का मानना है कि घने कुहासे के चलते गैंडा राह भटकर आ गया था.
जानकारी अनुसार शुक्रवार को तड़के एक गैंडा गोरुमारा अभयारण्य से निकलकर जलढाका नदी पार करने के बाद आमगुड़ी इलाके के झाड़ुआपाड़ा होते हुए राज्य सड़क को पार कर इस गांव में घुस आया. हालांकि घने कुहासे के चलते गैंडे के पैर की छाप स्पष्ट रुप से दिखायी नहीं पड़ने से उसके अवस्थान का पता नहीं चल पाया है. इसके बाद ही इसकी जानकारी गोरुमारा वन्य प्राणी डिवीजन के बुधुराम बीट के बीट ऑफिसर स्मृति राई, रामसाई मोबाइल स्क्वैड रेंजर विश्व ज्योति दे को दी गयी. वन विभाग के अनुसार गैंडे पर निगरानी रखने में घना कुहासा बाधा बन रही थी.
स्थानीय चापगढ़ निवासी फुलेन राय ने बताया कि सुबह जब वे गाय बांधने के लिये पानबाड़ी जाने वाली सड़क को पार कर मैदान पहुंचे तो उन्होंने वहां गैंडे के पैर की छाप देखी जिसके बाद उन्हें घबराहट होने लगी. उस जगह से कुछ ही मीटर दूर गैंडा सड़क पार कर मैदान पार करने के बाद बेलकाली इलाके में घुसा. स्थानीय निवासी अलेश अधिकारी और पवन अधिकारी ने बताया कि उनके घर के सामने से ही गैंडा चला गया. उसके बाद से स्थानीय लोगों में भय व्याप्त है. इन लोगों ने बताया कि यह पहली बार ऐसा हुआ है कि एक गैंडा गांव में घुसा है. उल्लेखनीय है कि इसके पहले कई बार जलढाका नदी पार होकर निकटवर्ती गांव में घुसने की घटना हुई है.
लेकिन इस इलाके में पहली बार उसे देखा गया है. बीट ऑफिसर स्मृति राई ने बताया कि वनकर्मियों ने गैंडे के पैर की छाप का अनुसरण कर निगरानी की है. लेकिन नदी के बाद उसका सुराग नहीं मिला है. नदी के बगल में जंगल-झाड़ है. उसने वहीं पर संभवतया आश्रय ले रखी है. शनिवार को उसकी तलाश की जायेगी.
