स्वामीजी मोड़, आसीघर, राजा राम मोहन राय रोड, नजरूल सरणी व अतुल प्रसाद सरणी में सड़क किनारे मिले लीफलेट
पार्टी को बदनाम करने की हो रहीसाजिश : अभिजीत
सिलीगुड़ी : भाजपा सिलीगुड़ी सांगठनिक जिला कमेटी के अध्यक्ष अभिजीत राय चौधरी, सेलेक्शन कमेटी के सदस्य मनोरंजन साहा, राजू साहा, प्रसेनजीत पाल, राजू पाल के खिलाफ किसी ने लीफलेट बांटकर पार्टी के अंदरूनी कलह व गुटबाजी को उजागर करने की कोशिश की है. रविवार सुबह सिलीगुड़ी के स्वामीजी मोड़, आसीघर, राजा राम मोहन राय रोड, नजरूल सरणी व अतुल प्रसाद सरणी में सड़क किनारे पड़े लीफलेट को लेकर हलचल मच गयी. उस लीफलेट में बांग्ला में लिखा गया था कि सेलेक्शन कमेटी सदस्य पैसा लेकर मंडल स्तरीय पार्टी संगठन तैयार कर रहे हैं.
वहीं इस संबंध में भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी व नेताओं को बदनाम करने के लिए ये किसी की सोची समझी साजिश हो सकती है. नेताओं का कहना है कि विरोधी दल के लोगों ने इस प्रकार का आपत्तिजनक लीफलेट छापकर बंटवाया है. भाजपा नेताओं ने इस घटना के लिए अप्रत्यक्ष रूप से तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेवार ठहराया है.
भाजपा सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा सिलीगुड़ी सांगठनिक जिला कमेटी में फिलहाल गुटबाजी चरम पर है. कुछ लोग भाजपा के जिला अध्यक्ष के रवैये और कार्यशैली को लेकर नाखुश चल रहे हैं. सूत्रों का यह भी कहना है कि पार्टी के अंदर गुटबाजी बढ़ती जा रही है. जिला अध्यक्ष के पद से अभिजीत रॉय चौधरी को उनके पद से हटाने का षड्यंत्र भी चल रहा है. हालांकि इस लीफलेट बांटने वाले मामले से भाजपा का कोई नेता का सीधा संपर्क है कि नहीं, इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है.
इस काम में जिला अध्यक्ष अभीजीत राय चौधरी, सेलेक्शन कमेटी के सदस्य मनोरंजन साहा, राजू साहा, प्रसेनजीत पाल, राजू पाल व भाजपा के अन्य नेता जुड़े हैं. हालाकि उस लीफलेट में लिखने वाले ने अपना परिचय नहीं दिया है. इसके अलावे उस लिफलेट में किसी भी राजनीतिक पार्टी के नामों का भी उल्लेख नहीं है. किसने तथा किस उद्देश्य से इस घटनाओं को अंजाम दिया. ये भी रहस्य बना हुआ है.
इस घटना को लेकर भाजपा सिलीगुड़ी सांगठनिक जिला कमेटी के अध्यक्ष अभीजीत राय चौधरी ने बताया कि पार्टी को बदनाम करने के लिए ये विरोधी दलों की साजिश है. उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है. सब मिलजुल कर काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि लीफलेट वितरण के बारे में वे कुछ बोलना नहीं चाहते, क्योंकि इस घटना को अंजाम देने वालों ने कहीं भी अपना परिचय नहीं दिया है.
उन्होंने इशारों में आरोप लगाते हुए कहा कि संभवत: ये काम तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का हो सकता है. दूसरी ओर दार्जिलिंग जिला तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष रंजन सरकार ने बताया कि फिलहाल भाजपा में गुंडा बदमाशों का आश्रय हो गया है. वे भी घटना को लेकर कुछ नहीं बोलेंगे.
