कर्सियांग में भी दिखा हड़ताल का असर

बंद रहे व्यवसायिक प्रतिष्ठान व शैक्षणिक संस्थान कर्सियांग मोटर स्टैंड से निकाली गयी रैली कर्सियांग : चाय बागानों में कार्यरत श्रमिकों को बोनस देने की मांग को लेकर सात ट्रेड यूनियनों की ओर से शुक्रवार को आहूत 12 घंटाव्यापी हड़ताल के तहत कर्सियांग पूर्ण रूप से बंद रहा. इस दौरान कर्सियांग क्षेत्र के संपूर्ण व्यवसायिक […]

बंद रहे व्यवसायिक प्रतिष्ठान व शैक्षणिक संस्थान

कर्सियांग मोटर स्टैंड से निकाली गयी रैली

कर्सियांग : चाय बागानों में कार्यरत श्रमिकों को बोनस देने की मांग को लेकर सात ट्रेड यूनियनों की ओर से शुक्रवार को आहूत 12 घंटाव्यापी हड़ताल के तहत कर्सियांग पूर्ण रूप से बंद रहा. इस दौरान कर्सियांग क्षेत्र के संपूर्ण व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, शैक्षिक संस्थानों, कार्यालयों आदि पूर्ण रूप से बंद रहे. आवश्यक सेवाओं के वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों सहित ट्वाय ट्रेन का आवागमन पूर्ण रूप से ठप रहा.

बंद के दौरान सुबह 10 बजे दार्जिलिंग तराई डुआर्स प्लांटेशन लेबर यूनियन (डीटीडीपीएलयू ) की ओर से चाय बागानों में कार्यरत श्रमिकों के बोनस को लेकर मालिकों पर अन्याय व अत्याचार किये जाने के विरोध में कर्सियांग मोटर स्टैंड से एक रैली का आयोजन किया गया. रैली में कर्सियांग क्षेत्र के विभिन्न चाय बागानों में कार्यरत श्रमिकों की उपस्थिति थी. रैली कर्सियांग मोटर स्टैंड से आरंभ होकर शहर परिक्रमा करते हुए पुन: कर्सियांग मोटर स्टैंड पहुंचकर पथसभा में तब्दील हो गया.

पथसभा को संबोधित करते हुए कर्सियांग के विधायक डॉ. रोहित शर्मा ने कहा कि प्रत्येक वर्ष दशहरा के समय चाय बागान में कार्यरत श्रमिकों को बोनस के लिए आंदोलित करना पड़ता है. 1854 में दार्जिलिंग पहाड़ी क्षेत्र में चाय उद्योग आरंभ किया गया था. इतने वर्ष बीतने के बावजूद श्रमिकों की हालात में सुधार नहीं हुआ है.

उन्होंने अपने हक व अधिकार प्राप्ति के लिए श्रमिकों को एकजुट होकर सतर्क रहने का आह्वान किया. बाजार बंद को पूर्ण रूप से सफल बनानेवाले दुकानदारों के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने रैली में व्यवसायियों की उपस्थिति नहीं रहने पर खेद भी प्रकट किया. उन्होंने कहा कि यदि श्रमिकों को बोनस मिलता तो आखिर यहीं के दुकानों में खर्च करते.

उन्होंने आगामी दिनों में किये जानेवाले आंदोलन में व्यवसायियों से साथ देने का आह्वान भी किया. डॉ. शर्मा ने कहा कि ट्रेड यूनियनों की ओर से जब बोनस की मांग की जाती है तो मालिकपक्ष बागान में घाटा दिखाते हैं. यदि घाटा होता है तो एक मालिक पन्द्रह से बीस चाय बागानों को कैसे चलाते हैं? उन्होंने प्रश्न भी किया. उन्होंने ट्रेड यूनियन के नेतृत्व से बोनस को लेकर मालिकों के साथ बैठक में बैठने के दौरान बैलेंस सीट नहीं, बल्कि प्रोफिट एंड लॉस एकाउंट दिखाने की मांग करने का सुझाव भी दिया.

बैलेंस सीट को उन्होंने मनुष्य के एक तस्वीर की भांति मात्र करार दिया. दार्जिलिंग तराई डुआर्स प्लांटेशन लेबर यूनियन कर्सियांग महकमा कमेटी के अध्यक्ष प्रणाम रसाईली ने अपने नेताओं से चाय बागान में कार्यरत श्रमिकों के न्याय के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया. केन्द्रीय कमेटी अध्यक्ष करूणा गुरूंग ने चाय बागान में कार्यरत श्रमिकों के हित में आहूत इस बंद को सफल बनानेवाले सभी पक्षों के प्रति आभार जताया. बंद के दौरान इस क्षेत्र में कोई अप्रिय वारदातें नहीं हुई.

बंद को ध्यान में रखकर व्यापक पुलिस सुरक्षा प्रबंध प्रशासन की ओर से किया गया था. कर्सियांग मोटर स्टैंड में सुबह से ही कर्सियांग के एसडीपीओ पिनाकी दत्त, कर्सियांग थाने के इंस्पेक्टर इंचार्ज दिवेन्दु सरकार आदि मौजूद थे. कर्सियांग मोटर स्टैंड में सुबह से ही बंद समर्थकों के टीम पिकेटिंग में तैनात दिखे. सायं चार बजे बंद खुलने के बाद जनजीवन सामान्य हो गया. प्रस्तावित बंद को सुबह 4 बजे से सायं 4 बजे तक पालन किया गया.

दूसरी ओर चाय बागानों में कार्यरत श्रमिकों के हित में बोनस की मांग को लेकर आहूत 12 घंटाव्यापी बंद को पूर्ण रूप से सफल बनाने में अहम भूमिका अदा करनेवाले कर्सियांग के संपूर्ण व्यवसायियों को पार्वतीय बिहारी युवा संघ, कर्सियांग की ओर से अध्यक्ष विनोद प्रसाद व सह-सचिव विनय प्रसाद ने आभार जताया है. उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यदि आवश्यक हुई तो,श्रमिकों के हक व अधिकार प्राप्ति के हित में किये जानेवाले आंदोलन को हम साथ देने को तैयार हैं.

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