अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से हुआ हादसा

सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सीसीयू में अग्निकांड की घटना ने सरकारी चिकित्सा व्यवस्था में लापरवाही को एक बार फिर उजागर कर दिया है. रोगी कल्याण समिति की बैठक में अक्सर सिलीगुड़ी जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में अग्निशमन व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रस्ताव रखा जाता था. लेकिन इस हादसे ने […]

सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सीसीयू में अग्निकांड की घटना ने सरकारी चिकित्सा व्यवस्था में लापरवाही को एक बार फिर उजागर कर दिया है. रोगी कल्याण समिति की बैठक में अक्सर सिलीगुड़ी जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में अग्निशमन व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रस्ताव रखा जाता था.

लेकिन इस हादसे ने साबित कर दिया है कि अभी सरकारी स्वास्थ्य परिसेवा में कई सुधार होना बाकी है. शुक्रवार तड़के आग लगने की खबर मिलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने जाकर हालात का जायजा लिया. इस दौरान सिलीगुड़ी के विधायक व मेयर अशोक भट्टाचार्य ने इस पूरी घटना का जिम्मेदार मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को ठहराया है. निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि वे इस लापरवाही से मुख्यमंत्री को अवगत करायेंगे.

सीसीयू के वेंटिलेटर का कंप्रेसर जलने से हुआ हादसा :उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सीसीयू में भर्ती होने वाले अधिकतर मरिजों को वेंटिलेटर पर रखा जाता है. हादसे के वक्त पांच लोग वेंटिलेटर पर ही थे.जानकारी मिली है कि 3 नंबर बेड के पास रखे वेंटिलेटर में कुछ तकनीकी समस्या पहले से थी. लगातार चलने से वह गर्म हो गया था. बताया जा रहा है कि सुबह उसमें अचानक से शॉर्ट सर्किट के कारण जलने से ये दुर्घटना घटी है. जिसके बाद पूरे सीसीयू में धुआं फैल गया. हालांकि मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने मीडिया को दिये बयान में वेंटिलेटर के कंप्रेसर को अग्निकांड की घटना का मूल कारण बताया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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