नदियों के तटवर्ती इलाकों में रहनेवाले 30 हजार लोग प्रभावित
जिला प्रशासन से मदद की गुहार
मालदा : बीते शुक्रवार से गंगा और फुलहार नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद कछार इलाकों के किसानों को बड़े पैमाने पर नुकसान का सामना करना पड़ा है. इससे खासतौर पर सब्जियों की फसलों को भारी क्षति पहुंची है. करीब 30 हजार लोग इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. उल्लेखनीय है कि ये किसान दुर्गापूजा के समय सब्जियों की बिक्री कर जीविका चलाते थे.
अब उनके सामने अस्तित्व का संकट आ गया है. इनमें बहुत से किसानों ने महाजन से ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेकर खेती की थी. उनकी तकलीफ का अंदाज लगाना भी मुश्किल है. इस बीच मंगलवार को मानिकचक से विधायक मोत्ताकिन आलम और मालदा जिला परिषद के सभाधिपति गौड़चंद्र मंडल ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया है. इन्होंने कहा है कि वे प्रशासन को पूरी स्थिति से अवगत करायेंगे.
जानकारी अनुसार बाढ़ से मुख्य रुप से बाढ़ से मानिकचक ब्लॉक के रामनगर, शिवेनटोला, पश्चिम नारायणपुर और गदाइरचर जैसे दस गांव प्रभावित हुए हैं. इन गांवों में पड़वल, बैंगन, कच्ची मिर्च, बंधा गोभी, फूलगोभी, मूली जैसी सब्जियों को क्षति पहुंची है. प्रभावित किसानों में से शिवेन मंडल, राम मंडल, विपदभंजन मंडल ने बताया कि उनमें से किसी ने 20 हजार तो किसी ने 30 हजार रुपये तक कर्ज लेकर इस बार सब्जी की खेती की थी. लेकिन अब बाढ़ में डूबने के बाद उस कर्ज की भरपाई कहां से होगी यह सोचकर दिल बैठा जा रहा है. प्रशासन अगर मदद नहीं करेगा तो हमारा कल्याण नहीं है.
विधायक मोत्ताकिन आलम ने बताया कि अचानक आई बाढ़ में कई गांव डूब गये हैं. काफी मात्रा में जमीन में लगी सब्जी की फसल क्षतिग्रस्त हुई है. किसानों की शिकायत सुनी है. जाकर देखा है. स्थिति बेहद खराब है. प्रशासन से मदद करने के लिये अनुरोध किया गया है. जिला सभाधिपति गौड़चंद्र मंडल ने बताया कि बाढ़ में खासतोर पर नारायणपुर, नूरपुर और गदाइरचर इलाकों को नुकसान पहुंचा है. इनकी फसलों को हुए नुकसान के लिये सहयोग पर विचार किया जा रहा है. जिला प्रशासन से वह बात करेंगे.
