सिलीगुड़ी : अहिंसा व अमन-चैन के पैगाम के साथ बुद्धिस्ट धर्मावलंबियों ने रविवार को शहर में रंगारंग शांति रैली निकाली. ऑल इंडिया बुद्धिस्ट फोरम के बैनर तले निकाली गयी यह शांति रैली शहर के दार्जिलिंग मोड़ के पास मंगल माइती भवन के सामने से शुरू हुई.
रैली दार्जिलिंग मोड़, मल्लागुड़ी, हिलकार्ट रोड, महानंदा सेतु, एयरव्यू मोड़ व अन्य प्रमुख सड़कों का भ्रमण करते हुए वापस मंगल माइती भवन कैंपस पहुंचा और समावेश में तब्दील हो गया. रैली में भगवान गौतम बुद्ध का अलौकिक दरबार व रंगारंग झांकी शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा. रैली के दौरान बुद्धिस्टों ने अहिंसा व भाई-चारे का पैगाम दिया.
साथ ही प्ले कार्ड के जरिये बुद्धिस्ट धर्म से जुड़े लोगों ने केंद्र व राज्य सरकार से अपने अधिकारों की गुहार लगायी. शांति रैली में न तो लाउडस्पीकर व माइकिंग का इस्तेमाल किया गया और न ही नारेबाजी हुई. इतना ही नहीं रैली के कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था न चरमराये, इसके लिए सभी बुद्धिस्टों ने सड़क किनारे पदयात्रा की.
शांति रैली के पश्चात ऑल इंडिया बुद्धिस्ट फोरम के महासचिव आकाश लामा ने कहा कि रैली में देश भर से तकरीबन 20 हजार से भी अधिक बौद्ध गुरु व अनुयायी शामिल हुए. उन्होंने बताया कि यह रैली प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाती है.
रैली में सिक्किम से आमंत्रित तुलकु थिमले सांगे, दार्जिलिंग से डॉ भांते पेमा, कालिम्पोंग से पेंबा लिंपोचे, तुलकु रिंकदेन, डॉ झांगचुक, आचार्य सांगे छोपेल, लामा सांगेयो, मध्य प्रदेश से राहुल बोधि के अलावा बिहार के बोधगया, सिक्किम, पूर्वोत्तर राज्यों, महाराष्ट्र व अन्य प्रांतों से हजारों की संख्या में धर्म गुरु, प्रचारक व बुद्धिस्ट धर्मावलंबी व तमांग, शेर्पा, गुरुंग, लेप्चा, बरूवा, भूटिया, नेवार आदि जाति के प्रतिनिधि शामिल हुए.
रैली को सफल बनाने में फोरम के उपाध्यक्ष यूएस तमांग, जीटी भूटिया, नरेंद्र मोक्तांग, प्रचार-प्रसार विभाग के सचिव सुरेन पाखरिन समेम सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई. इस रैली के साथ ही फोरम का दो दिवसीय समारोह भी समाप्त हो गया.
