दार्जिलिंग : एक तरफ जहां राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) के अंतिम प्रारुप के प्रकाशित होने के बाद पहाड़ में विरोधी गोजमुमो विनय गुट ने केंद्र सरकार पर गोरखा समुदाय के हितों की उपेक्षा का आरोप मढ़ा है वहीं, दार्जिलिंग से भाजपा के सांसद राजू बिष्ट ने एनआरसी की फाइनल लिस्ट से एक लाख से अधिक गोरखाओं के नाम छूटने की खबर को अफवाह और बेबुनियाद बताया है. रविवार को जारी अपने प्रेस बयान में सांसद ने कहा कि यह आंकड़ा कुछ निहित स्वार्थ वाले नेताओं के दिमाग का फितूर है. दरअसल, नागरिकों के आधिकारिक तथ्य अभी आने बाकी हैं.
एनआरसी को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम : राजू बिष्ट
दार्जिलिंग : एक तरफ जहां राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) के अंतिम प्रारुप के प्रकाशित होने के बाद पहाड़ में विरोधी गोजमुमो विनय गुट ने केंद्र सरकार पर गोरखा समुदाय के हितों की उपेक्षा का आरोप मढ़ा है वहीं, दार्जिलिंग से भाजपा के सांसद राजू बिष्ट ने एनआरसी की फाइनल लिस्ट से एक लाख से अधिक […]

वे खुद हालात पर नजर रखकर असम और दिल्ली में दलीय नेतृत्व से संपर्क बनाये हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनैतिक दल राजनीतिक लाभ के लिये हालात की गलत तस्वीर पेश कर रहे हैं. उन्होंने राजनेताओं से इस राष्ट्रीय मसले का राजनीतिकरण नहीं करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि एनआरसी का असम में क्रियान्वयन सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में हो रहा है.
जिन लोगों के नाम छूट गये हैं उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने का पूरा अवसर दिया जा रहा है. अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि एनआरसी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ओर पूर्व गृह मंत्री राजनाथ सिंह गोरखा समुदाय को आश्वस्त कर चुके हैं कि उन्हें चिंता की कोई बात नहीं है. जिनके नाम छूटे हैं उन्हें नागरिकता साबित करने का पूरा अवसर दिया जायेगा.