ओल्ड मालदा नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड-11 में गंदगी व कचरे के आलम ने बढ़ायी आमजनों की मुसीबत
मालदा :ओल्ड मालदा नगरपालिका क्षेत्र में इन दिनों अज्ञात ज्वर और डेंगू के मरीजों का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है. खासतौर पर शहर के कुल 20 में से 11 नंबर वार्ड में गंदगी और कचरे का चारों ओर साम्राज्य है. इस वजह से लोग अज्ञात ज्वर के साथ डेंगू से पीड़ित हो रहे हैं. जो सामर्थ्यवान हैं वे अपना इलाज शहर के नर्सिंग होम में करवा रहे हैं. जिनकी माली हालत साधारण है वे मालदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती हो रहे हैं. लेकिन ऐसे बहुत से मरीज हैं जो अपना इलाज स्थानीय ओझा-गुनियों से करवा रहे हैं.
स्थानीय कई लोगों का कहना है कि एक ही लाठी में अज्ञात ज्वर और डेंगू गायब हो रहा है. इसके एवज में लोग ओझा-गुनियों को रुपये भी दे रहे हैं. मंदिर प्रांगण में इस तरह का इलाज किया जा रहा है. आरोप है कि कुछ लोग झाड़-फूंक की हवा बांधकर लोगों से मोटी रकम वसूल रहे हैं. वहीं, ज्यादातर स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें निकटवर्ती अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सेवा नहीं मिल रही है. बाध्य होकर कुछ लोग ओझा-गुनियों का सहारा ले रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि 11 नंबर वार्ड की आबादी 15 हजार है. यहां के ज्यादातर घरों में अज्ञात ज्वर और डेंगू के मरीज हैं. खासतौर पर ओल्ड मालदा के वार्ड नंबर 8, 9, 10, 17, 18 में अज्ञात ज्वर का प्रकोप अधिक है. कई घरों में मरीजों का इलाज घर पर ही चल रहा है. 11 नंबर वार्ड के स्थानीय निवासी दिलीप घोष, चंदन घोष का कहना है कि ज्वर के प्रकोप के बावजूद नगरपालिका प्रशासन कोई ठोस पहल नहीं कर रही है. 18 नंबर वार्ड के कोर्टस्टेशन इलाके में ज्वर से पीड़ित महादेव मंडल और सहदेव मंडल ने बताया कि वार्ड में चारों ओर मच्छरों का साम्राज्य है. गंदगी और कचरों का अंबार लगा हुआ है.
नगरपालिका के पक्ष से नियमित सफाई नहीं होती है. उसी के चलते बुखार का प्रकोप बढ़ गया है. वार्ड के 10 मरीज डेंगू से पीड़ित होकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं. वहीं, कई मरीज स्थानीय ओझा-गुनियों से झाड़-फूंक करवा रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद प्रभावित इलाके में संबद्ध पार्षद और प्रशासकीय अधिकारी ने निरीक्षण नहीं किया. इस बारे में नगरपालिका प्रशासन को जानकारी दी गयी है.
नगरपालिका के चेयरमैन कार्तिक घोष ने बताया कि बहुत से मरीजों के बुखार और डेंगू से पीड़ित होकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने की बात सुनी है. हालांकि नगरपालिका के पक्ष से विभिन्न वार्ड में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और नालों की सफाई की जा रही है. नालों में गप्पी मछलियां छोड़ी गयी हैं. कई जगह पुलिस निगरानी कर रही है. झाड़-फूंक के बारे में कहा कि मरीजों को चिकित्सक की सलाह लेकर अस्पताल में भर्ती होना चाहिये. इसको लेकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है.
