राखियों से गुलजार हुआ बाजार

आनलाइन मार्केटिंग से व्यापार पर पड़ रहा असर कर्सियांग :इस वर्ष गुरूवार 15 अगस्त के दिन संपन्न होनेवाले रक्षाबंधन के त्योहार को ध्यान में रखकर कर्सियांग में राखियों से बाजार सज-धज गया है. परंतु जानकारी अनुसार आनलाईन मार्केटिंग के कारण व्यापार में व्यापक असर पड़ा है. इस संदर्भ में राखियों के बिक्रेता राजू सेवा ने […]

आनलाइन मार्केटिंग से व्यापार पर पड़ रहा असर

कर्सियांग :इस वर्ष गुरूवार 15 अगस्त के दिन संपन्न होनेवाले रक्षाबंधन के त्योहार को ध्यान में रखकर कर्सियांग में राखियों से बाजार सज-धज गया है. परंतु जानकारी अनुसार आनलाईन मार्केटिंग के कारण व्यापार में व्यापक असर पड़ा है. इस संदर्भ में राखियों के बिक्रेता राजू सेवा ने बताया कि रक्षा बंधन के त्योहार को ध्यान में रखकर अत्याधुनिक तरीके से तैयार विविध प्रकार के राखियों से कर्सियांग बाजार क्षेत्र के अधिकतर दुकानों को सजाया गया है. परंतु आनलाईन मार्केटिंग के कारण इसकी बिक्री में काफी गिरावट आई है.
उन्होंने बताया कि आजकल आनलाईन मार्केटिंग के जरिये अधिकतर लोग अपनी मन पसंदिता राखियों को मंगाने लगे हैं. फलस्वरूप इसके कारण राखियों की खरीददारी करनेवाले लोगों में ह्रास हो गया है. विगत वर्ष-2018 में राखियों की लागत खर्च बड़ी मुश्किल से निकला था. इस वर्ष भी हालात अभीतक वैसा ही दिख रहा है. परंतु अभी दो-तीन दिन का समय बाकी है. यह तो समय आने से ही पता चलेगा कि इस वर्ष इसकी स्थिति कैसा रहेगा.
उन्होंने कहा कि तकरीबन सप्ताह-दस दिन पूर्व से ही पहले राखियों की बिक्री आरंभ हो जाती थी. परंतु अब वैसी हालात नहीं है. इस त्योहार को लेकर बाजार में राखी खरीददारी करनेवाले लोगों की चहल-पहल भी कोई खास नहीं दिख रहा है. जानकारी अनुसार आजकल अधिकतर लोग सिलीगुडी क्षेत्र से भी राखी का मार्केटिंग कर रहे हैं. फलस्वरूप इससे भी राखियों के व्यापार में व्यापक असर पड़ रहा है. इस वर्ष कर्सियांग क्षेत्र के दुकानों में दस रूपये से लेकर सौ रूपये तक की राखियां बिक्री में दिखी. सोमवार कर्सियांग के बाजार में राखी खरीददारी करनेवाले लोगों की भीड संतोषजनक दिखी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >