अनाथ प्रकाश थापा ने लगायी पदकों की झड़ी

जलवा : प्रशांत नाहा ने सड़क पर आये बालक को दिया था आश्रय, आज है उस पर गर्व वीरपाड़ा :शहर के निवासी प्रशांत नाहा ने तब छह साल के प्रकाश थापा को अनाथ बनते बेहद करीब से देखा था. उस समय उन्होंने इस बालक को अपने साथ रखने का निर्णय लिया था. इस निर्णय में […]

जलवा : प्रशांत नाहा ने सड़क पर आये बालक को दिया था आश्रय, आज है उस पर गर्व

वीरपाड़ा :शहर के निवासी प्रशांत नाहा ने तब छह साल के प्रकाश थापा को अनाथ बनते बेहद करीब से देखा था. उस समय उन्होंने इस बालक को अपने साथ रखने का निर्णय लिया था. इस निर्णय में उनकी पत्नी शिवानी देवी ने भी उनका साथ दिया. उस पल को याद करते हुए प्रशांत नाहा ने कहा कि आज उस निर्णय को याद करते हुए उन्हें अफसोस नहीं हो रहा है.

प्रकाश थापा पर आज उन्हें गर्व होता है. उसके द्वारा जीते गये पदकों से नाहा परिवार की अलमारी भर गयी है. इस बार उसे ट्राइथेलेन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल हुआ है. बीते गुरुवार को प्रकाश को युवभारती क्रीड़ांगन में राज्य एथलेटिक्स मीट में अंडर 14 वर्ग में ट्राइथेलेन में स्वर्ण पदक मिला है.

शुक्रवार को उसने एक और परचम लहराते हुए 100 मीटर की दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया. इस बार रांची में होने वाली प्रतियोगिता में वह बंगाल का प्रतिनिधित्व करेगा. स्वाभाविक है कि प्रकाश थापा को न सिर्फ नाहा परिवार बल्कि अलीपुरद्वार जिला और वीरपाड़ा के शहरवासी बेहद उत्साहित हैं. इसने जिले का भी नाम रोशन कर दिया है.

उल्लेखनीय है कि प्रकाश के पिता केकले थापा का उसी समय निधन हो गया था जब प्रकाश मात्र ढाई साल का मासूम बालक था. उसके बाद उसकी मां भी उसे भाग्य के भरोसे छोड़कर चली गयी. अब नन्हा प्रकाश अनाथ हो चुका था जिसके सिर से छत हट चुकी थी. वह आश्रयविहीन था. वर्ष 2011 में प्रशांत नाहा की नजर इस बच्चे पर पड़ी तो वे द्रवीभूत हो गये.

उन्होंने उसे अपने घर में आश्रय दिया. आश्रय देने के अलावा उसे शिक्षित करने के लिये 2012 में प्राथमिक विद्यालय में दाखिला कराया. उसके बाद प्रकाश ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. फिलवक्त वह वीरपाड़ा हाई स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र है. पढ़ाई के अलावा खेल प्रतियोगिताओं में वह हमेशा से आगे रहा है. वर्ष 2012 में स्कूल की वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता में वह प्रत्येक वर्ग में प्रथम स्थान हासिल कर प्रतिष्ठा हासिल की.

2016 में वीरपाड़ा हाई स्कूल में पांचवीं कक्षा की पढ़ाई के दौरान खेलो इंडिया प्रतियोगिता में अलीपुरद्वार जिले के अंडर 12 वर्ग में 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान हासिल किया. 2017 में मयनागुड़ी में आयोजित जिला स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में 100 और 200 मीटर दौड़ और लांग जम्प में स्वर्ण और उसी साल अलीपुरद्वार जिले की अंतर क्लब मीट में अंडर 14 वर्ग में 100 मीटर दौड़ और लांग जम्प प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीते. 2018 में जलपाईगुड़ी में अंडर 14 वर्ग की 100 और 600 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया.

उसी साल उसने बालुरघाट में आयोजित अंतर्जिला क्रीड़ा प्रतियोगिता की 100 और 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीते. उसी साल कोलकाता के युवभारती क्रीड़ांगन में 68वीं राज्य एथलेटिक्स मीट की 600 मीटर दौड़ प्रतियोगिता और शॉटपुट में तृतीय स्थान हासिल किया. पिछले साल तिरुपति में आयोजित 16वीं राष्ट्रीय जूनियर अंतर्जिला एथलेटिक्स मीट में उसने अलीपुरद्वार जिले का प्रतिनिधित्व किया.

वीरपाड़ा हाई स्कूल की प्रबंध समिति के अध्यक्ष पंकज दास ने कहा कि प्रकाश को लेकर उन्हें गर्व है. कोलकाता से वापस लौटते ही उसका अभिनंदन किया जायेगा. स्कूल के क्रीड़ा शिक्षक मनोज गुहा ने बताया कि प्रकाश परिश्रमी और संभावनामय लड़का है. उम्मीद है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर हमारे स्कूल और जिले का नाम रोशन करेगा. वहीं, खुद प्रकाश थापा का कहना है कि अभी उसे लंबा सफर तय करना है.

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