सरकारी नौकरी का आश्वासन पूरा नहीं करने पर डीएम कार्यालय के सामने किसान कर रहे आंदोलन
जलपाईगुड़ी : न्यायोचित मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांगों को लेकर भूमिदाताओं का आमरण अनशन शनिवार को भी जारी रहा. राजनेताओं और जनप्रतिनिधियों के अनुरोध का भी कोई असर नहीं हुआ और उनकी मांगें माने जाने तक आंदोलनकारी युवाओं ने आमरण अनशन जारी रखने का संकल्प दोहराया है.
उल्लेखनीय है कि ये युवा शुक्रवार से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जिला लैंड लूजर कमेटी के बैनर तले सरकारी नौकरी की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे हैं. इनमें से दो महिलाओं समेत तीन को अस्वस्थ हालत में सदर अस्पताल में भर्ती भी किया जा चुका है. वहीं, एक अनशनकारी को सांप के डंसने के बाद सदर अस्पताल में भर्ती किया गया है. फिलहाल उनकी हालत बेहतर है.
जिला लैंड लूजर कमेटी के अध्यक्ष नजरुल रहमान ने बताया कि जलपाईगुड़ी सदर, राजगंज और मयनागुड़ी ब्लॉक के किसान परिवारों ने वर्ष 1977-1994 के बीच तीस्ता सिंचाई परियोजना के लिये अपनी जमीन दी थी. हालांकि इन किसानों को उनकी कृषि जमीन की पर्याप्त मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत है.
यहां तक कि जमीन के अधिग्रहण के समय कहा गया था कि परिवार के एक सक्षम सदस्य को सरकारी नौकरी दी जायेगी. लेकिन आज तक राज्य सरकार इस आश्वासन को पूरा नहीं कर सकी है. जानकारी अनुसार तीन ब्लॉकों के इन कृषिजीवी परिवारों ने सरकार को 700 बीघा से अधिक खेती वाली जमीन दी है.
ये परिवार पिछले 10 साल से अपने हक के लिये आंदोलनरत हैं. इन्हीं आंदोलनों के क्रम में इन्होंने सबसे पहले जिलाधिकारी कार्यालय के सामने रिले अनशन शुरु किया. लेकिन जब रिले अनशन का आशातीत असर नहीं पड़ा तो 60-70 भूमिदाताओं ने आमरण अनशन शुरु कर दिया है. इनका कहना है कि राज्य सरकार के पक्ष से इन्हें लिखित आश्वासन मिलने तक ये आमरण अनशन जारी रखेंगे.
जिला भाजपा के पक्ष से श्याम प्रसाद के नेतृत्व में प्रतिनिधिदल ने अनशनरत किसानों से भेंटकर उन्हें लोडशेडिंग के दौरान इस्तेमाल के लिये हाथ-पंखा दिये. जिला तृणमूल के कार्यकारी अध्यक्ष एवं राजगंज से विधायक खगेश्वर राय ने भी अनशनस्थल तक पहुंचकर आंदोलनकारी किसानों के प्रति समर्थन जताया है.
उन्होंने कहा है कि वे सिंचाई मंत्री शुभेंदु अधिकारी से इस बारे में बात करेंगे. उन्होंने भी अनशन वापस लेने का अनुरोध किया. जिला कांग्रेस के पक्ष से जलपाईगुड़ी नगर-ब्लॉक नेता स्वरुप मंडल ने भी अनशन स्थल पर जाकर आंदोलनकारियों के प्रति समर्थन दिया. इसी बीच अनशनस्थल पर एक अनशनकारी को एक सांप ने डंस लिया जिसके बाद उन्हें तत्काल ही सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल वे स्वस्थ हैं.
