सीमांत इलाके में डेंगू फैलने के बाद हरकत में आया प्रशासन
जयगांव :भारत-भूटान सीमांत के फुन्छोलिंग और जयगांव शहर में कुछ दिनों से डेंगू मच्छर का प्रकोप अधिक देखा जा रहा है. इलाके में यह एक बड़ी समस्या के रूप में उभर रहा है. इसकी रोकथाम के लिए भारत और भूटान के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की गुरुवार को जयगांव डेवलपमेंट अथॉरिटी (जेडीए) में एक बैठक की गयी.
इसमें भारत की ओर से अलीपुरद्वार सीएमओएच डॉ. पुराण शर्मा, कालचीनी बीएएमओएच डॉ. एस सरकार, अलीपुरद्वार एडीएम अनुकूल सरकार, 53वीं बटालियन एसएसबी के अधिकारी मोहिनी सिंह और फुन्छोलिंग भूटान से डीएचओ पासांग छिरिंग, डॉ. किनले गेलछेन आदि उपस्थित थे.
बैठक के बाद डॉ. पुरण शर्मा बताया कि अभी भारत-भूटान सीमांत क्षेत्र में डेंगू मच्छर फैलने की खबर है. इसी रोकथाम भी की जा रही है. जयगांव इलाके में प्रशासन की ओर से पूरा ध्यान दिया जा रहा है. स्वास्थ कर्मचारी इस पर निगरानी कर रहे है. इसके बावजूद मच्छर भगाने के लिए फॉगिंग, स्प्रे किया जा रहा है. इसके अलावा डेंगू पीड़ितों का उपचार हो रहा है.
उन्होंने कहा कि जयगांव इलाके में अब सप्ताह में एक बार घर-घर जाकर सचेतना अभियान करेंगे. लोगों से घर में पानी को प्रत्येक सप्ताह में साफ करने को कहा जा रहा है. जमा पानी में डेंगू मच्छर पलता है. उन्होंने कहा कि प्रशासन सिर्फ लोगों को सुझाव और दवाइयां दे सकता है.
लेकिन लोग स्वयं अपने स्वस्थ्य, सफाई पर ध्यान देंगे तो डेंगू मच्छर पर काबू पाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अभी तक जयगांव में 150 डेंगू पीड़ितों को देखा गया है. लेकिन फुन्छोलिंग भूटान में 400 से अधिक होने की बात भूटान अधिकारी से जानकारी मिली है. यह आंकड़ा बड़ा होने के कारण जयगांव और आसपास के लोगों को सतर्क रहना होगा.
