एसएसबी व बीएसएफ के सीमांत मुख्यालयों में कार्यक्रम आयोजित
देश के उन हिस्सों की तकलीफ समझने की अपील, जहां है पीने के पानी की किल्लत
सिलीगुड़ी :उत्तर बंगाल में बांग्लादेश सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और नेपाल व भूटान की सीमाओं पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने सोमवार को एक कार्यक्रम के जरिये पानी बचाने की शपथ ली. बीएसएफ के उत्तर बंगाल सीमांत मुख्यालय के कदमतला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में आइजी अजमल सिंह कठात ने सीमांत मुख्यालय व 51वीं बटालियन के सभी अधिकारियों व जवानों को जल का समुचित उपयोग करने तथा इसकी बर्बादी रोकने के लिए शपथ दिलायी.
इस मौके पर आइजी कठात ने जल संरक्षण के महत्व को समझाते हुए बताया कि पृथ्वी के 71 प्रतिशत हिस्से में जल होने के बावजूद, आज दुनिया मे स्वच्छ पेयजल का संकट दिन-पर-दिन बढ़ता जा रहा है. यह मनुष्य द्वारा उत्पन्न संकट है, क्योंकि उसने जल संसाधनों का दुरुपयोग किया और कभी जल संरक्षण पर समुचित ध्यान नहीं दिया. उन्होंने कहा कि अभी भारत सरकार जल संरक्षण खासकर स्वच्छ पेयजल के संरक्षण पर विशेष बल दे रही है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार का कार्मिक होने के नाते हमारा कर्तव्य बनता है कि हम जल संरक्षण करें और इसके लिए सभी को प्रेरित करें, ताकि भविष्य में सभी को स्वच्छ पेयजल मिल सके.
शपथ के पश्चात कदमतला परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान आइजी तथा मुख्यालय के अन्य अधिकारियों ने वृक्षरोपण किया. आइजी ने कहा कि यदि हम चाहते हैं कि प्रदूषण कम हो और पर्यावरण संतुलन बना रहे, तो इसके लिए हमें अनिवार्य रूप से वृक्षरोपण करना होगा. उधर, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सिलीगुड़ी सीमांत की ओर से रानीडांगा परिसर में पानी बचाने की शपथ लेकर जल शक्ति अभियान कार्यक्रम मनाया गया.
इस दौरान सिलीगुड़ी सीमांत के आइजी श्रीकुमार बंद्योपाध्याय, डीआइजी थॉमस चाको व सभी अधिकारियों व जवानों ने शपथ ली. आइजी ने जीवन में पानी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पानी का इस्तेमाल करें, लेकिन कभी इसे बर्बाद न करें. उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ियों के पानी बचाना हरेक का दायित्व है. हमारे देश के बहुत से हिस्से आज पेयजल का संकट भुगत रहे हैं. इसलिए हमें पानी का समझदारी से इस्तेमाल करना चाहिए. यह जानकारी सीमांत मुख्यालय के स्टाफ ऑफिसर, डिप्टी कमांडेंट जय प्रकाश ने दी.
