सिलीगुड़ी : अब ढोल-नगाड़ा बजाकर सिलीगुड़ी नगर निगम ने सरकारी कार्यालयों का बकाया टैक्स राशि हासिल करने का निर्णय लिया है. इसके बावजूद बकाया टैक्स जमा नहीं करने वाले सरकारी कार्यालयों को उपलब्ध सुविधाएं बंद कर दी जायेगी. वहीं दूसरी तरफ वार्ड पार्षदों का भत्ता बढ़ाने के लिए पांच सदस्यीय कमिटी बनायी जायेगी. उक्त घोषणा सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य ने की है.
सिलीगुड़ी : बकाया टैक्स के लिए मिलेगा अल्टीमेटम
सिलीगुड़ी : अब ढोल-नगाड़ा बजाकर सिलीगुड़ी नगर निगम ने सरकारी कार्यालयों का बकाया टैक्स राशि हासिल करने का निर्णय लिया है. इसके बावजूद बकाया टैक्स जमा नहीं करने वाले सरकारी कार्यालयों को उपलब्ध सुविधाएं बंद कर दी जायेगी. वहीं दूसरी तरफ वार्ड पार्षदों का भत्ता बढ़ाने के लिए पांच सदस्यीय कमिटी बनायी जायेगी. उक्त घोषणा […]

मंगलवार को मासिक बोर्ड बैठक में मेयर अशोक भट्टाचार्य ने निगम राजस्व संग्रह करने पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम को आर्थिक सहयोग नहीं कर रही है. बल्कि निगम को उसके हक से भी वंचित होना पड़ रहा है. मेयर ने बताया कि सिलीगुड़ी नगर निगम इलाके में राज्य सरकार व केंद्र सरकार के कई कार्यालय हैं.
इनमें से करीब 80 प्रतिशत सरकारी कार्यालयों जैसे राज्य सरकार की उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय, सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण, पर्यटन विभाग के मैनाक टूरिस्ट लॉज व पर्यटन कार्यालय, सूचना व संस्कृति विभाग, सिंचाई विभाग, बिजली विभाग के साथ केंद्र सरकार अधीन बीएसएनएल कार्यालय, रेलवे कार्यालयों आदि के पास निगम का करोड़ों रुपये बकाया है. बार-बार नोटिस देने के बाद भी ये विभाग टैक्स जमा करने को तैयार नहीं है.
उन्होंने आगे बताया कि पर्यटन विभाग के पास 30 लाख रुपये, सूचना व संस्कृति विभाग के पास 85 लाख, बिजली विभाग के पास 2 करोड़ से अधिक व बीएसएनएल के पास 50 लाख से अधिक टैक्स बकाया है. प्रथम चरण में कुल मिलाकर 25 करोड़ से अधिक का टैक्स बकाया है.
ऐसे ही शहर के कई भवन, अपार्टमेंट व बहुमंजिली इमारतों के पास निगम का काफी रुपया फंसा हुआ है. सभी व्यापारी राज्य व केंद्र को हर तरह का टैक्स भरते हैं, लेकिन जब निगम को टैक्स भुगतान की बारी आती है तो मुंह मोड़ लेते हैं. उन्होंने कहा कि शहरवासियों को नागरिक परिसेवा अनवरत मुहैया कराने के लिए बकाया टैक्स हासिल करना आवश्यक हैं.
अशोक भट्टाचार्य ने बताया निगम का टैक्स बकाया रखने वाले सभी सरकारी कार्यालयों को कई बार नोटिस दिया जा चुका है. इस बार आखिरी अल्टीमेटम दिया जायेगा. जिसमें बकाया रकम व अवधि का भी उल्लेख किया जायेगा.
नोटिस में दिये गये समय सीमा के भीतर बकाया राशि का भुगतान नहीं करने पर ढोल-नगाड़े के साथ उन सरकारी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया जायेगा. इसके बाद भी बकाये का भुगतान नहीं करने पर निगम की ओर से मुहैया कराया जाने वाली परिसेवा पानी, साफ-सफाई आदि को बंद कर दिया जायेगा.
इसके अतिरिक्त मेयर ने बताया कि वार्ड पार्षदों का भत्ता बढ़ाने के लिए एक कमिटी गठित करने का निर्णय लिया गया है. इस कमिटी में निगम मेयर परिषद के दो सदस्य, विरोधी दल तृणमूल कांग्रेस के एक, कांग्रेस के एक और भाजपा के एक सदस्य को रखा जायेगा. कमिटी की रिपोर्ट को मुख्यमंत्री तक भेजा जायेगा.