दार्जिलिंग : गोजमुमो के भूमिगत नेता विमल गुरूग के नाम से शहर के चौरस्ता में पोस्टर चिपकाया गया है. चिपकाये गये पोस्टर में आमरा बंगाली के नाम का उल्लेख किया गया है. पोस्टर नेपाली भाषा में लिखा गया है. पोस्टर के माध्यम से कहा गया है कि आमरा बंगाली किस आधार पर गोरखा समुदाय को विदेशी की संज्ञा दे रही है.
आमरा बंगाली द्वारा देश रक्षक गोरखा को इतना सबकुछ कहने के बावजूद विनय तमांग व अनित थापा की चुप्पी पर पोस्टर के माध्यम से जवाब मांगा गया है. पोस्टर में जय गोरखा, जय गोरखालैंड व जय विमल लिखा है. विमल गुरुंग के नाम पर शहर में दो पोस्टर चिपकाया गया है. पोस्टरबाजी को लेकर दिनभर शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.
इधर, गोजमुमो विनय गुट के केंद्रीय महासचिव अनित थापा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके आमरा बंगाली के कार्यों का घोर विरोध किया है. जारी किये गये विज्ञप्ति में महासचिव थापा ने कहा है कि पिछले कुछ दिनो पहले आमरा बंगाली समूह ने गोर्खालैंड और गोर्खालैंड क्षेत्रीय प्रशासन के विरोध में रैली निकाली थी. उस दौरान देश के विभिन्न प्रांतों रह रहे गोरखाओं की भावना पर आघात पहुंचाने का कार्य किया गया.
इसलिए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस तरह के कार्य करने वालों पर कार्यवाही की मांग की. श्री थापा ने कहा है कि इनलोगों को पता है कि गोर्खालैंड की मांग संवैधानिक मांग है. इस मांग को लेकर अन्य राजनीतिक दलों का सोच शायद अलग हो सकता है, वो विषय अलग है.
लेकिन बंगाल से लेकर देश के अन्य लोगों को पता होना चाहिये कि देश आमलोगों को देश के भीतर नया राज्य गठन करने की मांग उसका संवैधानिक अधिकार है. गोर्खालैंड की मांग संवैधानिक है और इस मांग पर विचार करने का अधिकार केवल केन्द्र सरकार के पास है. इस वक्त देश में भाजपा का पूर्ण बहुमत की सरकार है.
जो भाजपा गोर्खाओं को पिछले 10 साल से गोर्खालैंड का सपना दिखाते आ रही है. इसलिये अब गोर्खालैंड गठन को लेकर पहल भी भाजपा को ही करना होगा. थापा ने कहा है कि आमरा बंगाली ने जीटीए समझौता के विरोध में रैली निकाली थी. परंतु जीटीए समझौता पत्र में गोर्खालैंड की मांग को यथावत रखा गया है.
