लगातार बारिश से चाय उद्योग को भारी नुकसान

नागराकाटा : लगातार बारिश के कारण डुआर्स चाय उद्योग को करोडों रुपये का नुकसान हुआ है. वर्षा के कारण कई नदियों ने विकराल रुप धारण कर लिया है. चाय बागानों का बड़ा हिस्सा बाढ़ के कटाव की भेंट चढ़ चुका है. जिससे चाय उद्योग को काफी नुकसान का समाना करना पड़ रहा है. सूत्रों से […]

नागराकाटा : लगातार बारिश के कारण डुआर्स चाय उद्योग को करोडों रुपये का नुकसान हुआ है. वर्षा के कारण कई नदियों ने विकराल रुप धारण कर लिया है. चाय बागानों का बड़ा हिस्सा बाढ़ के कटाव की भेंट चढ़ चुका है. जिससे चाय उद्योग को काफी नुकसान का समाना करना पड़ रहा है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डुआर्स में पिछले 11 दिनों में अब तक का सबसे ज्यादा बारिश का रिकार्ड दर्ज किया गया है. बारिश के कारण मेचपाड़ा, नागडाला,चेंगमारी, तोर्षा, मजेरडाबरी सहित अन्य कई चाय बागानों को भारी क्षति पहुंची है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मेचपाड़ा चाय बागान में बीती रात को रिकॉर्ड बारिश दर्ज किया गया. पिछले 10 दिनों में यह 37 मिलीमीटर बारिश होने का रिकार्ड दर्ज किया गया है.
जबकि जून माह में 49 मिलीमीटर तक बारिश होने का रिकार्ड है. उधर नागडाला चाय बागान में 4.5 मिलीमीटर बारिश हुआ है. जबकि पिछले 10 दिनों में 25 मिलीमीटर बारिश हुआ है. इस भारी बारिश के कारण चाय बागान का काफी हिस्सा बाढ़ के चपेट में आ गया है.
मेचपाड़ा चाय बागान नदी कटाव के कारण लगभग तीन करोडों रुपये का चाय पौधा नदी में समा गया. नदी में आये बाढ़ के कारण बीरपाड़ा के निकट स्थित नागडाला चाय बागान का मुख्य सड़क और चाय बागान पौधा नष्ट हो गया है. बिरबिटी और नागडाला नदी में आया हुआ बाढ़ के कारण संकट चाय बागान संकट में है.
टी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के डुआर्स शाखा सचिव राम अवतार शर्मा ने बताया कि प्रकृतिक आपदा के कारण चाय उद्योग संकट में है. सरकार की ओर से इस विषय पर ध्यान देना चाहिए.
कई जगहों पर नदी कटाव रोकने के लिए बांध नहीं होने के कारण चाय बागान नदी में समा चुका है. बारिश के कारण मेचपाड़ा, नागडाला, चेंगमारी, तोर्षा, मजेरडाबरी सहित अन्य कई चाय बागानों को भारी क्षति पहुंची है. अगर बांध बना दिया जाय तो चाय बागानों को बचाया जा सकता है.
लगातार बारिश से कालचीनी प्रखंड जलमग्न
कालचीनी : फिर देर रात से लगातार बारिश से अलीपुरद्वार जिले के अंतर्गत कालचीनी प्रखंड के विभिन्न इलाके में पानी भड़ गया. शनिवार रात के लगातार बारिश से हैमिल्टनगंज रेलवे स्टेशन इलाका जलमग्न हो गया. इलाके के कुछ स्थानीय घरों में भी पानी घुस गया.
यहां तक कि रेलवे टिकट काउंटर में भी पानी भर गया एवं यात्री जब ट्रेन की टिकट काटने टिकट काउंटर पर पहुंचे तो देखा कि चारों तरफ पानी ही पानी है. किसी तरह पानी में घुसकर यात्रियों ने टिकट कटाया और अपनी यात्रा पर गये.
इस विषय पर हैमिल्टनगंज रेलवे स्टेशन की बुकिंग क्लर्क अमल नर्जीनरी ने बताया कि थोड़ा बारिश आने से हैमिल्टनगंज रेलवे स्टेशन में चारो ओर नाले का पानी आकर सटेशन के अंदर घुस जाता है. उन्होंने बताया कि यात्रियों के साथ-साथ हमें भी काफी समस्याएं होती है. शनिवार की रात से लगातार हो रही वर्षा से कालचीनी के मोदीलाइन इलाके के समस्त स्थानीय के घरों में फिर से पानी भर गया.
इलाके में रहने वाले समस्त व्यापारियों का सामान भी भींग कर बर्बाद हो गया. जिससे व्यापारियों को काफी नुकसान पहुंचा. नाराज स्थानीय व्यापारियों ने दुख जाहिर करते हुए कहा कि बार-बार हमारे ग्राम की स्थिति खराब हो रही है. थोड़ी देर की बारिश में व्यापारियों के घरों व दुकानों में पानी घुस जाता है. हमारा सामान नष्ट हो जा रहा है.
रात भर जाग-जाग कर हम रात बीताने को विवश हैं. हमें देखने वाला कोई नहीं. लगातार बारिश से कालचीनी प्रखंड के राजाभात चाय बागान स्थित कोठी लाइन इलाके में पानी भर गया एवं स्थानीय चाय श्रमिकों के घरों में पानी भर जाने से घरों का सामान भीगने से वे रात भर सो नहीं पाये. स्थानीय लोगों ने बताया कि दो-तीन घंटे की बारिश से गांव की स्थिति ऐसी हो जाती है.

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