घीस नदी में जलस्तर बढ़ने से रेलवे अंडरपास का पिलर धंसा

बागराकोट के निकट रोका गया ट्रेन परिचालन, आठ ट्रेनें रद तीन ट्रेनों को किया गया फालाकाट और जलपाईगुड़ी रोड स्टेशन से डाइवर्ट माल ब्लॉक के चापाडांगा इलाके में 400 घर तीस्ता के पानी में डूबे जलपाईगुड़ी/मालबाजार : लगातार बारिश और पहाड़ी नदियों के उफनाने से घीस नदी का जलस्तर बढ़ गया है. इस वजह से […]

बागराकोट के निकट रोका गया ट्रेन परिचालन, आठ ट्रेनें रद

तीन ट्रेनों को किया गया फालाकाट और जलपाईगुड़ी रोड स्टेशन से डाइवर्ट
माल ब्लॉक के चापाडांगा इलाके में 400 घर तीस्ता के पानी में डूबे
जलपाईगुड़ी/मालबाजार : लगातार बारिश और पहाड़ी नदियों के उफनाने से घीस नदी का जलस्तर बढ़ गया है. इस वजह से माल ब्लॉक अंतर्गत बागाराकोट के निकट घीस नदी बागराकोट के निकट बने अंडरपास का पिलर धंस गया है जिसका असर रेलवे लाइन पर पड़ने से ट्रेनों का परिचालन बाधित हुआ है.
नवनिर्मित अंडरपास के एक पिलर के सामने मिट्टी के धंस जाने से रेल लाइन भी धंस गयी है. इस वजह से इस रूट पर अलीपुरद्वार और असम के रूट पर एनजेपी और सिलीगुड़ी जंक्शन के बीच आठ पैसेंजर ट्रेनों को एनएफ रेलवे ने रद कर दिया है. तीन ट्रेनों को फालाकाटा, जलपाईगुड़ी रोड स्टेशन होते हुए डाइवर्ट किया गया है. रेलवे विभाग ने रेललाइन की मरम्मत का काम शुरु कर दिया है हालांकि बारिश के चलते काम में बाधा पड़ रही है. जिन तीन ट्रेनों को जलपाईगुड़ी होकर परिचालित किया गया हे उनमें अलीपुरद्वार-सियालदह जाने वाली कंचनकन्या एक्सप्रेस ट्रेन शामिल है.
स्थानीय निवासी रसेल सरकार ने बताया कि अंडरपास को बने केवल दो माह हुए हैं. लेकिन घीस नदी के चलते वह क्षतिग्रस्त हो गया है. सुबह जलस्तर कम होने से राष्ट्रीय सड़क पर वाहनों का परिचालन स्वाभाविक हुआ. हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है.
जिलाधिकारी अभिषेक तिवारी ने बताया कि घीस नदी में जलस्तर बढ़ने से बागराकोट की रेलवे लाइन क्षतिग्रस्त हुई है. युद्धस्तर पर उसकी मरम्मत का काम चल रहा है. चिंता की कोई बात नहीं है. प्रशासन पूरे हालात पर नजर रखे हुए है. वहीं, रेलवे सूत्र ने बताया है कि अगले 24 घंटे में मरम्मत का काम पूरा होने जाने की उम्मीद है. इस बीच माल ब्लॉक के चापाडांगा इलाके में 400 घर तीस्ता के पानी में डूब गये हैं. ये सभी घर असंरक्षित इलाके में हैं. तीस्ता का पानी चापाडांगा-क्रांति सड़क पर से बह रहा है जिससे सड़क का संपर्क कट गया है. इस बीच जलपाईगुड़ी संलग्न दोमहनी से मेखलीगंज तक तीस्ता नदी के संरक्षित एवं असंरक्षित इलाकों में सिंचाई विभाग ने पीला संकेत जारी कर दिया है.
वहीं, माल महकमा के सिंचाई अधिकारी केशव राय ने बताया है कि माल महकमा के माल शहर में पिछले 24 घंटे में 144 मिमी वर्षा हुई है. हालांकि पहाड़ी नदियों के चलते ही डुआर्स की नदियों का जलस्तर बढ़ा है. हालांकि माल महकमा से कहीं से किसी गंभीर क्षति की कोई खबर नहीं है. वहीं, बागराकोट से सेवक जाने के रास्ते में गणेशझोड़ा में भूस्खलन के चलते एक ट्रक फंस गया था.
सेवक के निकट हवाघर इलाके में दो जगह भूस्खलन की घटना हुई है. डामडिम होते हुए लाभा जाने के दौरान छह एवं नौ माइल इलाके में भी भूस्खलन की घटना घटी है जबकि रम्भी के निकट भूस्खलन के चलते सेवक होते हुए मालबाजार के बीच सड़क संपर्क आज सुबह से ही बाधित रहा.

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