चंदना चक्रवर्ती का सहयोगी होने के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
भाजपा महिला युवा मोर्चा की पश्चिम बंगाल इकाई की सचिव थीं
पिता ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने की जानकारी दी
जलपाईगुड़ी : सन 2017 में जलपाईगुड़ी के एक होम (शिशु गृह) से बच्चों की तस्करी की खबर से समाज से लेकर सियासी हलके में हलचल मच गयी थी. होम संचालिका तथा मामले की मुख्य आरोपी चंदना चक्रवर्ती की सहयोगी के रूप में भाजपा के महिला युवा मोर्चा की राज्य महासचिव जूही चौधरी को भी आरोपी बनाया गया था. इस मामले में सीआइडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद वह लगभग ढाई साल से जेल में थीं.
लेकिन अब उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गयी है. मंगलवार को जूही के पिता तथा भाजपा के जलपाईगुड़ी जिला महासचिव रवींद्र नारायण चौधरी ने यह जानकारी दी. इस खबर से असम मोड़ स्थित उनके घर में जश्न का माहौल है. दूसरी तरफ, गिरफ्तारी के समय ही भाजपा ने इस मामले को राजनैतिक साजिश बताया था.
मंगलवार को जूही चौधरी के पिता ने सवाल किया कि कुछ नेताओं से परिचय कराने के लिए किसी को गिरफ्तार कैसे किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को राजनीतिक साजिश का शिकार बनाया गया है. फिलहाल जूही चौधरी सिलीगुड़ी महकमा जेल में बंद हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जेल से रिहाई कब तक होगी, इस बारे में वह अभी कुछ कह पाने की स्थिति मेंनहीं हैं. रवींद्र नारायण चौधरी ने कहा कि सीआइडी ने उनकी बेटी को झूठे मामले में फंसाकर उसका जीवन बर्बाद कर दिया.
बता दें कि 2017 के होम कांड में चंदना चक्रवर्ती के अलावा उसके भाई मानस भौमिक, दो शिशु सुरक्षा अधिकारी शाष्मिता घोष व मृणाल घोष, चिकित्सक देवाशीष चंद आज भी जेल में हैं. जूही चौधरी के खिलाफ भी उसी धारा में मुकदमा दर्ज हुआ था जो धाराएं मुख्य आरोपी चंदना चक्रवर्ती पर लगायी गयी थीं. जूही पर भारतीय दंड विधान की धारा 420, 370(5), 468, 117, 120 बी के साथ ही जुवेनाइल एक्ट की धारा 77, 80, 81 के तहत मामला दायर किया गया था.
