सिलीगुड़ी : घुघूमाली हाई स्कूल मैदान में आयोजित होने वाली रथ मेले को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. पुलिस की ओर से घुघूमाली में रथमेला की अनुमति नहीं मिलने के चलते बुधवार को घुघूमाली मेन रोड बाजार कमेटी के सदस्यों व स्थानीय लोगों ने इस्टर्न बाइपास रोड पर टायर जलाकर घंटों विरोध प्रदर्शन किया गया.
सिलीगुड़ी : घंटों विरोध प्रदर्शन, बंद रहीं दुकानें
सिलीगुड़ी : घुघूमाली हाई स्कूल मैदान में आयोजित होने वाली रथ मेले को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. पुलिस की ओर से घुघूमाली में रथमेला की अनुमति नहीं मिलने के चलते बुधवार को घुघूमाली मेन रोड बाजार कमेटी के सदस्यों व स्थानीय लोगों ने इस्टर्न बाइपास रोड पर टायर जलाकर घंटों […]

विरोध प्रदर्शन के कारण काफी देर तक घुघूमाली बाजार की दुकानें बंद रही. वहीं दूसरी ओर बाजार कमेटी के सदस्यों ने स्थानीय वार्ड पार्षद रंजन शील शर्मा पर पुलिस के साथ मिलकर मेले का आयोजन नहीं करने देने का आरोप लगाया है.
लगाये जा रहे आरोप बेबुनियाद : रंजन शील शर्मा
दूसरी ओर संवाददाताओं से बात करते हुए रंजन शील शर्मा ने बताया कि उनके उपर लगाये जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं. रथमेला की कमान संभालने के बाद उन्होंने फंड में साढ़े तीन लाख रुपये जमा कराये. लेकिन 16 वर्षों में तूफान साहा ने केवल साढ़े चार हजार रुपये ही इकट्ठा कर सके.
उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान सभी ने घुघूमाली हाई स्कूल मैदान में मेले का आयोजन नहीं करने पर जोर दिया था. उन्होंने खुद 28 जून को आशीघर पुलिस फारी के ओसी को रथमेले के लिए अनुमति पत्र भी लिखा है. रंजन शील शर्मा ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि रथमेला के साथ इलाके के लोगों की आस्था जुड़ी है.
मामले पर विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि मेले का आयोजन करने से मैदान में बांस गाड़ना पड़ेगा. उन्होंने बताया कि बच्चे उस मैदान में खेलते हैं. गड्ढों की वजह से किसी भी वक्त एक बड़ी दुर्घटना घट सकती है. अंत में पुलिस द्वारा अनुमति का आश्वासन मिलने पर आंदोलनकारियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया.
क्या है पूरा मामला
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रथयात्रा के दौरान नेताजी बाजार, घुघूमाली बाजार समिति तथा अन्य संगठनों द्वारा पिछले 19 वर्षों से घुघूमाली स्कूल मैदान पर मेले का आयोजन किया जा रहा है. जहां दूरजराज के इलाकों से भी लोगों का समागम भी होता था.
बताया जा रहा है कि वर्ष 2016 से 39 नंबर वार्ड के पार्षद रंजन शील शर्मा मेले का आयोजन कर रहे हैं. घुघूमाली मेन रोड बाजार कमेटी के अध्यक्ष तूफान साहा का कहना है कि मेले की आड़ में बाहर से दुकानदारों को लाकर रंजन शील शर्मा लाखों रुपये की वसूली करते हैं.
इस वर्ष उन लोगों ने वहां खुद से मेले का आयोजन करने की योजना बनायी है. लगातार सात दिन के बदले केवल दो दिन वहां मेले का आयोजन करने की बात पर सहमति बनी है . आरोप है कि ये बात रंजन शील शर्मा को हजम नहीं हो रही है. मंगलवार रात को जब वे लोग स्थानीय आशीघर पुलिस फारी में रथ निकालने की अनुमति लेने गये. लेकिन पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया.
जिस वजह से गुस्साये लोगों ने इस्टर्न बाइपास में टायर जलाकर घंटों प्रदर्शन किया. इस मामले को लेकर तूफान साहा तथा नेताजी बाजार कमेटी के महासचिव रिपन साहा ने बताया कि रंजन शील शर्मा अपना रौब दिखाकर मेले की आड़ में लाखों का घोटाला करते थे. उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं होने पर वे बैखला गये हैं.