श्रमिकों ने अचानक बीच में रोका काम
निगम की ओर से केवल तीन फ्लोर के निर्माण की मिली थी अनुमति
दो सालों में बिल्डिंग मालिक को चार बार जारी किया गया नोटिस
सात दिनों की दी गयी है मोहलत
सिलीगुड़ी : शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ सिलीगुड़ी नगर निगम ने अपना हथौड़ा चलाना आरंभ कर दिया है. शुक्रवार को हाकिमपाड़ा इलाके में एसएमसी की टीम पहुंची, लेकिन एसएमसी के अधिकारियों को अभियान बीच में ही बंद करना पड़ा. बताया जा रहा है कि वर्ष 2017 से लेकर 2019 तक उस बिल्डिंग के मालिक को चार बार नोटिस भेजा गया था.
नगर निगम के 12 नंबर वार्ड के हरेन मुखर्जी रोड इलाके में अनिप साहा का 4 फ्लोर वाला मकान है. जानकारी मिली है कि सिलीगुड़ी नगर निगम की ओर से उन्हें वहां केवल तीन फ्लोर निर्माण करने की अनुमति दी गई थी. आरोप है कि अनिप साहा ने अवैध तरीके से चार तल्ला बिल्डिंग का निर्माण किया है. तीन फ्लोर को उन्होंने भाड़े पर लगा रखा है. जबकि चौथे फ्लोर पर वे अपने परिवार के साथ रहते हैं. गैरकानूनी तरीके से बनाये गये फ्लोर को तोड़ने के लिए नगर निगम की ओर से उन्हें चार बार नोटिस भी भेजा गया था. लेकिन उन्होंने इस मामले पर निगम को कोई जवाब नहीं दिया. बाध्य होकर शुक्रवार को पानीटंकी आउटपोस्ट की पुलिस के साथ नगर निगम के श्रमिक तथा इंजीनियर बिल्डिंग के अवैध हिस्से को तोड़ने पहुंची. इसकी खबर मिलते ही 12 नंबर वार्ड पार्षद नांटू पाल भी मौके पर आ गये. मकान तोड़ने का काम भी शुरू हो गया, लेकिन थोड़ी देर बाद निगम श्रमिकों को काम बीच में छोड़कर बिल्डिंग से नीचे उतरते देखा गया.
दूसरी ओर नगर निगम सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध हिस्से को तोड़ने के लिए के लिए बिल्डिंग मालिक अनिप साहा ने एसएमसी से मोहलत मांगी है. जहां उन्हें सात दिनों का समय भी दिया गया है. अगर इसके बाद भी अवैध हिस्से को नहीं तोड़ा गया तो नगर निगम खुद इस पर फिर से कार्रवाई करेगी. इसको लेकर अनिप साहा ने भी अपनी सहमति जताई है.
वहीं पार्षद नांटू पाल ने नगर निगम के माकपा बोर्ड पर निशाना साधते हुए कहां कि बदला लेने की भावना से ही उनके वार्ड से ये अभियान शुरू किया गया है. उन्होंने कहा कि वे वार्ड की समस्या को बोर्ड मीटिंग में उठाते रहते हैं. जो माकपा बोर्ड को नागावार लगता लगता है. उन्होंने कहा कि नगर निगम में 47 वार्ड है. सभी वार्डों में एक-दो अवैध निर्माण है. लेकिन उनके वार्ड में ही सबसे पहले ये अभियान चालू किया गया है. नांटू पाल ने सभी वार्डों में चरणबद्ध तरीके से इस प्रकार का अभियान चलाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मकान मालिक खुद अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए तैयार हैं. जिसके लिए उन्होंने नगर निगम से समय मांगा है.
इस पूरे मामले को लेकर सिलीगुड़ी नगर निगम के बिल्डिंग विभाग के एमएमआईसी मुंशी नुरुल इस्लाम ने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा कि बिल्डिंग का निर्माण करने के लिए पहले घर मालिक को नक्शा और प्लान पास कराना पड़ता है. अगर कोई बिना प्लान के ही बिल्डिंग का निर्माण कराता है तो उसे नियम के खिलाफ माना जायेगा. इसके अलावे बिल्डिंग बनाने के बाद एसएमसी के पास से घर मालिक को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा. उन्होंने कहां कि रास्ते की चौड़ाई को ध्यान में रखते हुए बिल्डिंग की ऊंचाई की अनुमति दी जाती है.
