सिलीगुड़ी : शहर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति को लेकर मंगलवार को सिलीगुड़ी नगर निगम की मासिक बोर्ड मीटिंग में जमकर बहस हुई. शासक से लेकर विरोधी दल समेत सभी ने एक साथ मिलकर इस चर्चा में हिस्सा लिया. वहीं 1 से लेकर 47 वार्ड के पार्षदों ने नगर निगम के माकपा बोर्ड के पास इस समस्या का जल्द समाधान करने की अपील की.
पीडब्ल्यूडी, बिल्डिंग, बाजार, हाउसिंग फॉर ऑल, कन्जरवेंसी, ट्रेड लाइसेंस, स्वास्थ्य तथा अन्य कई जरूरी विषयों को लेकर सिलीगुड़ी नगर निगम में मासिक बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया था. बैठक की शुरुआत में ही पार्षदों ने अपने इलाके की समस्याओं को माकपा बोर्ड के समक्ष रखा. चर्चा को आगे बढ़ाते हुए विरोधी दल के नेता रंजन सरकार ने मेयर अशोक भट्टाचार्य पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बजट पेशी में एलयूसीसी के मुद्दों को उठाया गया था. मेयर ने ही इसे तैयार भी किया था. लेकिन अब मेयर ही अब इस पर कोई रूचि नहीं दिखा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि नगर निगम के तीसरे तल्ले पर कर्मचारी परेशानी में काम कर रहे हैं. प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए नगर निगम को पैसा दिया गया था. लेकिन मेयर उस पैसे को खर्च नहीं कर पाये. इस वजह से पैसा वापस लौट गया. रंजन सरकार ने आरोप लगाया कि मूलभूत समस्याओं को नगर निगम नजरअंदाज कर रही है. इसके अलावे वे लंबे समय से बिल्डिंग प्लान, ट्रेड लाइसेंस तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं को ऑनलाइन जोड़ने की मांग कर रहे हैं. लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक कर प्रणाली लागू है. लेकिन नगर निगम म्यूटेशन फीस को 1 प्रतिशत से 3 प्रतिशत तक बढ़ाकर लोगों के उपर दबाव बढ़ा रही है.
मेयर अशोक भट्टाचार्य ने रंजन सरकार के सवालों पर जवाब देते हुए कहा कि वे भी विरोधियों की बातों से सहमत हैं. एसएमसी अन्य नगर निगम तथा नगरपालिकाओं की तुलना में कम कर वसूलती है. इसके अलावे म्यूटेशन को लेकर उन्होंने एमएमआईसी मीटिंग में चर्चा भी की थी. उन्होंने कहा कि म्यूटेशन फीस को 2 प्रतिशत तक कर दिया गया है. इसी के साथ डेंगू तथा स्वास्थ्य संबंधी विषयों को लेकर भी बहस का दौर जारी रहा.
सिलीगुड़ी में शुद्ध पेयजल एक गंभीर समस्या बन गया है. कई जगहों पर स्टैंड पोस्ट तो है, लेकिन उसमें से पानी नहीं आता है. जिस वजह से शहर में भयंकर पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है. इसको लेकर नगर निगम में भी घंटों बहस चली. पार्षद सीमा साहा, पिंटू घोष, मानिक दे, खुशबू मित्तल, सहित कईयों ने इस समस्या पर अपनी सहमति जताते हुए नगर निगम से इस समस्या के समाधान को लेकर काम करने की अपील की. इस चर्चा में 13 नंबर वार्ड पार्षद मानिक दे ने पेयजल शुद्धीकरण को लेकर भी सवाल-जवाब किये.
