रानीगंज : आसनसोल नगर निगम की बैठक में आसनसोल निगम क्षेत्र में सीवरेज परियोजना चालू करने की घोषणा निगम के मेयर जितेंद्र तिवारी की. इस जानकारी के बाद अब रानीगंज में भी उम्मीद जगी है. लोगों में विश्वास है कि अब रानीगंज में सिवरेज परियोजना अवश्य पूरी होगी.वर्ष 2011 में तत्कालीन माकपा की सरकार ने […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
रानीगंज : आसनसोल नगर निगम की बैठक में आसनसोल निगम क्षेत्र में सीवरेज परियोजना चालू करने की घोषणा निगम के मेयर जितेंद्र तिवारी की. इस जानकारी के बाद अब रानीगंज में भी उम्मीद जगी है. लोगों में विश्वास है कि अब रानीगंज में सिवरेज परियोजना अवश्य पूरी होगी.वर्ष 2011 में तत्कालीन माकपा की सरकार ने इस योजना को शुरू किया था.
उस वक्त एडीडीए के चेयरमैन वंशगोपाल चौधरी थे और 36 करोड़ की परियोजना रानीगंज के लिए आवंटित किया था. उम्मीद की जा रही थी कि इस परियोजना को वर्ष 2013 के चुनाव के पहले को पूरा हो जाएगा, लेकिन परियोजना अधर में पड़ गई. सीपीएम के सत्ता से बाहर होने के बाद एडीडीए के चेयरमैन वंशगोपाल चौधरी भी चेयरमैन के पद पर ज्यादा दिनों तक रह नहीं सके.
तृणमूल सरकार पूरे बहुमत के साथ सत्ता में आई लेकिन इस परियोजना को क्रियान्वित करने के लिए एडीडीए ने प्रयास शुरू किया. इस योजना को पुनः चालू किया गया. दो वर्षों में काफी तेज गति से यह काम चला. धनाभाव की वजह से यह योजना अधर में पड़ गयी. स्थिति यह है कि पूरे रानीगंज नगर में अनेकों ऐसे मुख्य मार्ग हैं जिसके किनारे सीवरेज में इस्तेमाल में आने वाली सामग्री सीमेंटेड पाइप, कंक्रीट की छोटी-बड़ी सामग्री जहां-तहां रखी हुई हैं. इससे रास्ते की अवस्था काफी खराब हो गई है. अनेकों जगह गड्ढे बन गये है.
इससे आए दिन दुर्घटना होती रहती है. इस सीवरेज के लिए रखी पाइप लाइन का एक उदाहरण रानीगंज के प्रमुख मार्ग कालेज रोड है. यहां किनारे में यह सीवरेज का पाइप इस कदर रखा हुआ है कि बस्ती इलाके के लोग इसी मार्ग पर आकर शौच का इस्तेमाल कर रहे हैं. जबकि इस रास्ते पर हजारों लोग व छात्र गुजरते हैं. आश्चर्य की बात यह है कि इस संबंध में कई दफा रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से पत्राचार के साथ-साथ शिकायत दर्ज भी कराई लेकिन यह योजना अधर में है.
रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के मुख्य सलाहकार राजेंद्र प्रसाद खेतान ने कहा कि नगर निगम ने इस योजना को पुनः चालू करने के लिए राज्य सरकार की ओर से 350 करोड़ देने जा रही है. उम्मीद है कि इस बार अवश्य ही यह योजना पूरी होगी. अब तक देखा गया है कि कॉरपोरेशन के मेयर जितेंद्र तिवारी जब भी इस प्रकार की कोई योजना लेते हैं तो उसे अवश्य पूरा करते हैं हम लोग आशावादी हैं और इस योजना के पूरा होने से कई तरह की समस्याओं का समाधान होगा. हम लोग भी हर तरह के सहयोग के लिए तैयार हैं.