बालुरघाट : युवक की तत्परता से आठ महीने बाद मानसिक तौर पर विक्षिप्त किशोर अपनी मां के पास लौटा. बालुरघाट के एक मानसिक तौर पर दिव्यांग किशोर राजा दुर्गा पूजा के समय मां से बिछड़ गया था. उसके बाद मां ने बेटे को काफी खोजा लेकिन नहीं मिला.
उसकी मां लोगों के घरों में काम करती है. शनिवार को बालुरघाट के कवितीर्थ पाड़ा का एक युवक सुरजीत साहा फरक्का में काम के लिए पहुंचा था. फरक्का टाउनशिप इलाके में उसने राजा को देखा. उसने बालुरघाट गामी एक सरकारी बस के कर्मचारी गुलाम मुस्तफा के सहयोग से राजा को वापस बालुरघाट लौटाया.
पवित्र रमजान व रोजा करते हुए एक मां को उसके बच्चे से मिलवाने का मौका पाकर गुलाम मुस्तफा काफी खुश है. वहीं, मां भी पूरे आठ महीने बाद बच्चों को वापस पाकर खुश है. उधर सुरजीत ने पर्दे के पीछे रहकर भी बड़ा काम किया.
