- नया वेतनमान लागू करने की मांग पर आन्दोलन की तैयारी
- कोलकाता में चाय मालिकों के साथ कल होगी बैठक
नागराकाटा : सरकारी निर्देश के बावजूद चाय बागान के बाबू स्टाफ व सब-स्टाफ का वेतन नहीं बढ़ाया गया. इसे लेकर पीड़ितों में भारी नाराजगी है.
हाल ही में मामले को लेकर बागान कर्मचारियों के सभी संगठन एकजुट होकर श्रम विभाग में गुहार लगायी है. श्रम विभाग सूत्रों से पता चला है कि समस्या के समाधान के लिए मंगलवार को कोलकाता में चाय मालिक के साथ बैठक बुलायी गयी है. 31 मार्च 2017 से सरकारी मेमोरेंडम जारी करे चाय बागान के बाबू स्टाफ व सब स्टाफ का वेतन 18 फीसदी बढ़ाया गया. 31 अगस्त को श्रम विभाग ने एक और मेमोरेंडम जारी कर दो किस्तों में 10 व 7 रुपए श्रमिकों की मजदूरी बढ़ायी गयी.
यह 1 सितंबर व 1 अक्टूबर से लागु हो गया. वर्तमान में चाय श्रमिकों को 176 रुपए मजदूरी मिल रही है. इनमें दो बार सरकारी मेमोरेंडम के अनुसार, कुल 34.50 रुपए की बढ़त व बागान का राशन के बाबत 9 रुपए और शामिल है. बाबू स्टाफ संगठनों का कहना है कि श्रम विभाग 12 अक्टूबर में एक और मेमोरेंडम जारी कर श्रमिकों की मजदूरी व बाबू स्टाफ, सब-स्टाफ का वेतन बढ़ाया है, लेकिन उसे लेकर मालिकपक्ष कोई पहल नहीं कर रहा है. बीते 12 फरवरी को बाबू स्टाफ व सबस्टाफ के डुआर्स-तराई व पहाड़ के विभिन्न संगठनों ने उत्तर बंगाल श्रम कमिश्नर चंदन दासगुप्ता को मांगपत्र प्रदान किया था. शिकायत मिलते ही श्रम कमिश्नर ने एक और मेमोरेंडम जारी करके मालिकों को वेतन बढ़ाने का निर्देश दिया.
वेस्ट बंगाल टी गार्डन एमप्लॉयीज एसोसिएशन के महा सचिव पार्थ लाहिरी ने कहा मालिक पक्ष ने वेतन बढ़ाने की पहल नहीं किया तो बृहत आन्दोलन किया जायेगा. उन्होंने कहा की संगठन नें फरवरी से नया वेतन मान प्रदान व सितंबर से जनवरी तक का एरियर रुपए एकमुश्त प्रदान करने की मांग रखी है. हालांकि मालिक संगठनों ने इसपर कोई टिप्पणी नहीं की है.
