नागराकाटा : बागान में काम करके कॉलेज की शिक्षा को जारी रखनेवाली बंद धरनीपुर चाय बागान की असहाय छात्रा राधिका और रेनुका सार्की से मुलाकात करने गुरुवार को नागराकाटा प्रखंड अधिकारी स्मृता सुब्बा उनके घर पहुंची. प्रखंड अधिकारी ने दोनों बहनों से मुलाकात कर प्रशासन की ओर से हर सम्भव मदद करने का आश्वासन दिया. कॉलेज एडमिशन के लिए कुछ सहयोग राशि के साथ ही डायरी-कलम व कॉपी प्रखंड अधिकारी ने छात्रा को दिया.इस तरह प्रथम बार प्रखंड अधिकारी के घर पहुंचने पर दोनों बहनों ने प्रखंड अधिकारी को धन्यवाद दिया.
नागराकाटा : जरूरतमंद मेधावी छात्रा से मिलने पहुंची बीडीओ
नागराकाटा : बागान में काम करके कॉलेज की शिक्षा को जारी रखनेवाली बंद धरनीपुर चाय बागान की असहाय छात्रा राधिका और रेनुका सार्की से मुलाकात करने गुरुवार को नागराकाटा प्रखंड अधिकारी स्मृता सुब्बा उनके घर पहुंची. प्रखंड अधिकारी ने दोनों बहनों से मुलाकात कर प्रशासन की ओर से हर सम्भव मदद करने का आश्वासन दिया. […]

गुरुवार को बंद चाय बागान पानीघट्टा श्रमिक लाईन की असहाय छात्रा के घर पहुंचते ही इलाके में खलबली मच गयी. इस तरह अचानक प्रखंड अधिकारी घर में पहुंचने पर परिवारवालों ने भी खुशी जतायी. प्रखंड अधिकारी स्मृता सुब्बा के राधिका और रेनुका सार्की के घर पहुंचकर दोनों को विस्तृत जानकारी लिया. राधिका ने बीडीओ को बताया कि मैं चार वर्षो से केवल 150 रुपया दैनिक मजदूरी में काम कर कॉलेज की उच्च शिक्षा जारी रखी हूं. लेकिन मैंने आज तक कहीं से कोई सहयोग प्राप्त नहीं किया है.
आज मै काफी खुश हूं. इससे मुझे आगे बढ़ने के लिए उत्साह मिला है. हाईस्कूल में अध्ययन करते समय मुझे कन्याश्री योजना का भी लाभ नहीं मिला. मैं एक बंद चाय बागान की छात्रा हूं. चाय बागान बंद रहने के बावजूद भी कोई हमारे सहयोग के लिए आगे नहीं आया. टी बोर्ड की ओर से छात्रवृद्धि के लिए फॉर्म भरवाया गया था, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं मिला. इसलिए बाध्य होकर पढ़ाई को जारी रखने के लिए चाय बागान में कच्ची पत्तियां तोड़ने लगी. वहां से जो आय होता है उससे मेरा और भाई का पढ़ाई खर्च चल रहा है.
स्मृता सुब्बा ने राधिका की आपबिती सुनकर आश्चर्य प्रकट किया. कारण दीर्घ दिनों से बंद चाय बागान कि एक छात्रा इस तरह संघर्ष कर शिक्षा के लिये आगे बढ़ना सभी के लिए नयी घटना है. राधिका को धन्यवाद देते हुये कहा कि अब अगर किसी प्रकार की मदद की आवश्यकता होगी तो मेरे कार्यालय में आकर मुझसे भेंट करने का आग्रह किया. प्रखंड अधिकारी स्मृता सुब्बा ने बताया मुझे कुछ दिनों पहले राधिका और रेंनुका के बारे में संवाद माध्यम से जानकारी मिली थी. इसलिए आज मैं यहां मिलने के लिए आई हूं. दोनों से मिलकर मुझे काफी गर्व महसूस हुआ. ये बहनें सभी के लिए एक प्रेरणा हैं.