नागराकाटा : जरूतमंद मेधावी बहनों की सहायता के लिए आगे आये प्रधान
नागराकाटा : राधिका और रेनुका सार्की की खबर प्रभात खबर में प्रकाशित होने के बाद इलाके के समाजसेवी और गैर समाजसेवी संस्था ने दोनों बहनों के लिए सहयोग का हाथ बढ़ाया है. मंगलवार को लुकसान ग्राम पंचायत के प्रधान मनोज मुंडा, राधिका और रेंनुका के घर पहुंचकर हरसंभव मदद करने का आश्वासन दोनों बहनों को […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
नागराकाटा : राधिका और रेनुका सार्की की खबर प्रभात खबर में प्रकाशित होने के बाद इलाके के समाजसेवी और गैर समाजसेवी संस्था ने दोनों बहनों के लिए सहयोग का हाथ बढ़ाया है. मंगलवार को लुकसान ग्राम पंचायत के प्रधान मनोज मुंडा, राधिका और रेंनुका के घर पहुंचकर हरसंभव मदद करने का आश्वासन दोनों बहनों को दिया है.
दोनों बहन की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद स्कूल में अध्यन करने के दौरान कन्याश्री का लाभ नहीं मिलने पर आश्चर्य प्रकट किया है. चाय बागान बंद है, इसलिए दोनों बहनों को इस योजना का लाभ मिलना चाहिए. दोनों बहनों को क्यों इस योजना का लाभ नहीं मिला. इस विषय की जानकारी लेने के लिए प्रधान दोनों बहनों की घर पहुंची थी.
फिलहाल परिवार को सहयोग करने के लिए 12वीं कक्षा में अध्यनरत भाई के लिए एक जॉबकार्ड और दोनों बहनों के लिए प्रखंड अधिकारी से बातचीत कर कन्याश्री के लिए आवेदन कराने की बात कही. दोनों बहनों को कॉलेज खर्च के लिए मासिक कुछ राशि और राधिका के लिए एक घर की व्यवस्था करने की बात प्रधान ने कही है.
ग्राम पंचायत प्रधान मनोज मुंडा ने बताया राधिका और रेंनुका का खबर पढ़ने के बाद मैं मर्माहत हो गया. मेरा भी जन्म चाय बागान में ही हुआ है. मुझे चाय बागान का दुख सही तरह से पता है. उसके ऊपर धरनीपुर चाय बागान दीर्घ दिनों से बंद पड़ा हुआ है. वहां के श्रमिक को पौष्टिक आहार भी ठीक तरीके से नहीं मिल रहा.
चाय बागान बंद है. काफी विद्यार्थी ड्रॉपआउट हो चुके हैं. इस विषम परिस्थिति में एक अनाथ असहाय होने के बावजूद भी चाय बागान से पत्तियां तोड़कर कॉलेज में अपना अध्यन जारी रखने के साथ ही भाई का भी पढ़ाई का बोझ उठाना बड़ी बात है. आज मैंने परिवार से भेंटकर हरसंभव मदद करने आश्वासन दिया है.
राधिका और रेंनुका ने ग्राम पंचायत प्रधान ने इस तरह के सहयोग का हाथ बढ़ाने के लिए प्रधान को धन्यवाद दिया है. राधिका और रेंनुका दोनों बहनों ने बताया कि आज तक हमसे मिलने के लिए कोई नहीं आया था. पिछले चार वर्षों से लगतार संघर्ष कर अपना पढ़ाई जारी रखी हूं. आज ग्राम पंचायत प्रधान ने हमारे घर आकर पढ़ाई लिखाई में हर संभव प्रयास करने बात कही है. यदि इसी तरह अन्य कोई हमारी मदज करे तो हम आगे की पढ़ाई लिखाई अच्छी तरीके से कर पाते. दोनों बहनों ने उनकी दुख भरी घटना को प्रकाश में लाने के लिए प्रभात खबर को धन्यवाद दिया है.