नागराकाटा : आंगनबाड़ी कर्मियों ने किया विरोध प्रदर्शन

नागराकाटा : आंगनबाड़ी कर्मियों को पदोन्नति परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिल पाने के कारण आंगनबाड़ी कर्मियों ने गुरुवार को नागराकाटा आंगनबाड़ी कार्यालय परिसर में धरना के साथ प्रर्दशन भी किया. आंगनबाड़ी कर्मियों ने पदोन्नति परीक्षा में बैठने का मौका देने की मांग की. गत 30 जनवरी को आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए पदोन्नति के […]

नागराकाटा : आंगनबाड़ी कर्मियों को पदोन्नति परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिल पाने के कारण आंगनबाड़ी कर्मियों ने गुरुवार को नागराकाटा आंगनबाड़ी कार्यालय परिसर में धरना के साथ प्रर्दशन भी किया. आंगनबाड़ी कर्मियों ने पदोन्नति परीक्षा में बैठने का मौका देने की मांग की. गत 30 जनवरी को आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए पदोन्नति के लिए एक सरकारी विज्ञप्ति जारी किया गया था.

नागराकाटा ब्लॉक में कुल 28 रिक्त पद हैं. जिसमें आवेदनकारियों ने संख्या 94 है. आवेदनपत्र छटनी के बाद परीक्षा में बैठने के लिए 34 लोगों का चयन किया गया है. जिन कर्मियों का आवदेन खारिज कर दिया गया. वे सभी आंगनबाड़ी दफ्तर पहुंचकर धरना में शामिल हुये थे. सभी को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने की मांग करते हुए शिशु विकास प्रकल्प अधिकारी को एक ज्ञापन दिया गया. लेकिन वहां से कोई उत्तर नहीं मिलने के कारण जिला प्रशासन के समक्ष पहुंचकर गुहार लगाया गया.

सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी कर्मी पदोन्नति के लिए न्यूतम शिक्षण योग्यता माध्यमिक पास होना होगा. जो आवेदनकारी परीक्षा के लिए छटनी हुये हैं सभी माध्यमिक पास होने के बावजूद सरकारी निर्देश के अनुरुप हैं. बताया गया है कई आंगनबाड़ी कर्मी ने रवीन्द्र मुक्त विद्यालय से माध्यमिक पास किया है.
आंदोलनकारी अम्बिका थापा व प्रेमा केरकटा ने बताया कि कहीं भी सरकारी विज्ञप्ति में नहीं कहा गया है कि परीक्षा में बैठने की अनुमति पाने के लिए क्या-क्या होना पड़ेगा. हम सभी माध्यमिक परीक्षा पास हैं. लेकिन आवेदन करने के बाद भी हमारा कोई नाम नहीं आया. छांट-छांटकर परीक्षा के लिए चयन किया है, जिसका हम विरोध करते हैं. इसलिए आज हमलोगों ने धरना एवं विक्षोभ प्रर्दशन किया है.
नागराकाटा शिशु प्रकल्प अधिकारी मगदालिना लेप्चा ने कहा कि जिसको परीक्षा के लिए छटनी नहीं किया गया है, सभी आवेदनकारियों का माध्यमिक में सभी विषय नहीं है. सरकारी निर्देशिका अनुसार माध्यमिक में प्रथम भाषा, द्वितीय भाषा, गणित, इतिहास, भूगोल, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान जैसे सभी विषय होना चाहिए. आंगनबाड़ी जिला शिशु प्रकल्प अधिकारी धनपति बर्मन ने कहा कि सरकारी गाईड लाईन के अनुसार ही परीक्षा के लिए आवेदनकारियों का चुनाव किया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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