सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर तथा माकपा विधायक अशोक भट्टाचार्य ने जमीन का पट्टा देने के नाम पर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राजनीति करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले सीएम मतदाताओं को लुभाने में लगी हैं. श्री भट्टाचार्य मंगलवार को अपने कार्यालय में संवाददाताओं से बात कर रही थीं.
सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी मेयर ने मुख्यमंत्री पर बोला हमला, कहा - लोस चुनाव पर है ममता की नजर
सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर तथा माकपा विधायक अशोक भट्टाचार्य ने जमीन का पट्टा देने के नाम पर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राजनीति करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले सीएम मतदाताओं को लुभाने में लगी हैं. श्री भट्टाचार्य मंगलवार को अपने कार्यालय में संवाददाताओं […]

उन्होंने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भूमिहीन लोगों को जमीन का मालिकाना हक प्रदान करने जा रही है. जबकि पिछले दिनों 640 लोगों का वैध पट्टा मुख्यमंत्री ने ही किसी राजनीतिक कारणों से रद्द कर दिया था. मुख्यमंत्री के इस फैसले को उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक खेल बताया. उन्होंने आगे कहा कि राज्य में जब वाम मोर्चा की सरकार थी तब सिलीगुड़ी में रेलवे से जमीन खरीद कर वहां बस्तियां बसायी गयी.
जिसमें नगर निगम के 47 नंबर वार्ड पत्ती कॉलोनी इलाका, 4 नंबर वार्ड में ज्योति नगर तथा कई इलाके शामिल हैं. अभी भी रेलवे की खाली जमीन पर काफी भूमिहीन लोग वर्षों से रह रहे है. मगर रेलवे उन लोगों को पट्टा नहीं दे रही है. रेलवे द्वारा उन्हें पट्टा प्रदान करने की मांग पर आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल बस्ती उन्नयन समिति तथा यूसीआरसी आंदोलन करेगी
.श्री भट्टाचार्य ने आगे कहा कि एक ओर राज्य की मुख्यमंत्री दावा कर रही हैं कि उनसे पहले राज्य की पिछली किसी भी सरकार ने भूमिहीन लोगों के हित की बात नहीं की. जबकि वामो सरकार रेलवे से जमीन खरीद कर भूमिहीनों को प्रदान की थी. मेयर ने बताया कि पिछले दिनों बस्ती इलाके के विकास के लिए सरकार द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया था.
मेयर होने के नाते वे ही कमेटी के चेयरमैन थे. उन्होंने एक रिपोर्ट बनाकर कई सुझाव दिये. राज्य सरकार ने उसपर अमल ही नहीं किया. वहीं पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल बस्ती उन्नयन समिति के सचिव तथा नगर निगम के एमएमआईसी नुरुल इस्लाम ने बताया कि एक ओर मुख्यमंत्री लोगों को जमीन का पट्टा प्रदान करने का दावा कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोगों की जमीन का पट्टा रद्द किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि 2010 में तत्कालीन वामा मोर्चा सरकार ने 6 हजार रूपये से कम कमाने वाले तथा 20 सालों से अरबन इलाके में रहने वाले लोगों को 1 रुपये के निवेश पर 99 वर्ष के लिए जमीन का पट्टा प्रदान करने का निर्णय लिया था. वर्तमान राज्य सरकार सत्ता में आने के बाद उस योजना को बंद कर दिया गया. उसके बाद सरकार ने हाल ही में आमार बाड़ी नामक एक योजना की शुरूआत की है. उनका आरोप है कि इस योजना में राज्य सरकार का कोई पैसा नहीं लग रहा है.
नुरुल इस्लाम ने बताया कि दार्जिलिंग जिला में वामो सरकार ने तीन सौ से भी अधिक लोगों को जमीन का पट्टा प्रदान किया है. इसके अलावे 2011 में सरकार ने जलपाईगुड़ी जिला के 641 लोगों के जमीन के पट्टा को अनुमोदित किया था. उस 641 में से 640 वैध थे. जिसके बाद लोगों के पास से डीसीआर के माध्यम से पैसा भी लिया गया. लेकिन पैसा जमा करवाने के बाद मुख्यमंत्री ने उसे भी रद्द करवा दिया. उन्होंने बताया कि केवल राजनीतिक कारण के चलते ही उन 640 लोगों को जमीन का वैध पट्टा नहीं दिया गया है. इसके बावजूद वह लोगों को जमीन का पट्टा प्रदान करने की बात कह रही हैं.