जंतर-मंतर पर देशभर के व्यवसायी होंगे जमा, जीएसटी के सरलीकरण की मांग हुई तेज

सिलीगुड़ी : 19 दिसंबर को देशभर के व्यापारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जमा होंगे और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे. यह सभी व्यापारी जीएसटी के सरलीकरण की मांग तथा रिटेल सेक्टर में एफडीआई का विरोध कर रहे हैं. अपनी इस मांग को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के बैनर तले व्यवसायियों ने एक […]

सिलीगुड़ी : 19 दिसंबर को देशभर के व्यापारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जमा होंगे और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे. यह सभी व्यापारी जीएसटी के सरलीकरण की मांग तथा रिटेल सेक्टर में एफडीआई का विरोध कर रहे हैं. अपनी इस मांग को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के बैनर तले व्यवसायियों ने एक डिजिटल रथयात्रा भी निकाली है.
बृहस्पतिवार सुबह यह रथयात्रासिलीगुड़ी पहुंची. अग्रसेन भवन में रथयात्रा में शामिल व्यापारियों का नॉर्थ बंगाल मर्चेंट एसोसिएशन के सदस्यों ने भव्य स्वागत किया. सिलीगुड़ी के व्यापारियों ने आंदोलन का समर्थन किया है. यहां के कारोबारियों ने जंतर-मंतर पर होने वाले आंदोलन में शामिल होने का भरोसा भी दिलाया है.
सिलीगुड़ी पहुंचने पर रथयात्रा में शामिल विरेंद्र सिंह वालिया, अमर सिकारिया तथा राजा राय का नॉर्थ बंगाल मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय टिबरेवाल,रामगोपाल जाजोदिया एवं अन्य कारोबारियों ने भव्य स्वागत किया. बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए वीरेंद्र सिंह वालिया ने कहा कि सरकार की नीतियों से देश के व्यापारी काफी परेशान हैं. जीएसटी की जटिलता से कारोबार करने में परेशानी हो रही है. जबकि ऑनलाइन कारोबार ने काफी तेजी पकड़ ली है.
ऊपर से सरकार ने रिटेल क्षेत्र में एफडीआई को मंजूरी दे दी है. इससे वाल्मार्ट जैसी कंपनियां आने वाले दिनों में पूरे देश में छा जाएगी और छोटे कारोबारी तबाह हो जाएंगे. श्री वालिया ने आगे बताया कि देश में रोजगार देने के क्षेत्र में सबसे ज्यादा योगदान व्यापारियों का ही है. देश में करीब 7 करोड़ व्यापारी हैं और करोडों लोगों को रोजगार देने का काम कर रहे हैं. जितना रोजगार केंद्र और राज्य सरकार उपलब्ध नहीं करा सकती उससे अधिक रोजगार व्यापारी उपलब्ध कराते हैं.
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि तरह-तरह के नियम और कानून बनाकर व्यापारियों को ही परेशान किया जाता है. अपनी यात्रा के संबंध में श्री वालिया ने कहा कि दिल्ली से इस रथयात्रा की शुरुआत हुई थी. इस रथयात्रा ने राजस्थान, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश आदि राज्यों का दौरा कर लिया है. सिलीगुड़ी से यह रथयात्रा पूर्वोत्तर राज्यों की ओर निकल जाएगी. कुल 90 दिनों की रथयात्रा है. यह रथयात्रा 28 राज्यों से गुजर कर 22000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी.
18 दिसंबर को रथयात्रा का समापन दिल्ली में होगा. उसी दिन विभिन्न प्रदेशों से आए व्यापारियों की एक बैठक होगी. जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी. उसके अगले दिन 19 दिसंबर को जंतर-मंतर पर आंदोलन की घोषणा की जाएगी. श्री वालिया ने सभी व्यवसायियों से एक होने का आह्वान किया है.
व्यवसायियों को मिले पेंशन और इंश्योरेंस: टिबरेवाल
संवाददाताओं को नॉर्थ बंगाल मर्चेंट एसोसिशन के अध्यक्ष संजय टिबरेवाल ने भी संबोधित किया.उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों का जमकर विरोध किया और व्यवसायियों के लिए पेंशन तथा इंश्यारेंस की सुविधा देने की मांग सरकार से की. श्री टिबरेवाल ने कहा कि देश के विकास में व्यवसायियों की भूमिका काफी अधिक है.
उसके बाद भी सरकार अपनी गलत नीतियों से व्यवसायियों को ही परेशान कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर में 19 तारीख को सिलीगुड़ी सहित पूरे उत्तर बंगाल के व्यवसायी हिस्सा लेंगे. इस मौके पर विभिन्न कारोबारी संगठनों के पदाधिकारियों में राम गोपाल जाजोदिया,विजय बारोदिया,सतिश मित्रुका,मनीष मालपानी,भगवान दास गोयल,राम अवतार अग्रवाल,बसंत अग्रवाल आदि भी उपस्थित थे.

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