इस्लामपुर: सरस्वती विद्या मंदिर की मान्यता रद्द किये जाने से आक्रोश, पांच घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर किया पथावरोध

इस्लामपुर : इस्लामपुर शहर एक बार और शिक्षण संस्था को लेकर ही सरगर्म हो उठा. इस बार आरएसएस संचालित सरस्वती विद्या मंदिर और सरस्वती शिशु मंदिर की मान्यता इस्लामपुर की जगह ईश्वरपुर लिखे जाने पर शिक्षा विभाग ने रद्द कर दी है. इसको लेकर क्षुब्ध अभिभावकों ने रविवार की रात को राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर […]

इस्लामपुर : इस्लामपुर शहर एक बार और शिक्षण संस्था को लेकर ही सरगर्म हो उठा. इस बार आरएसएस संचालित सरस्वती विद्या मंदिर और सरस्वती शिशु मंदिर की मान्यता इस्लामपुर की जगह ईश्वरपुर लिखे जाने पर शिक्षा विभाग ने रद्द कर दी है. इसको लेकर क्षुब्ध अभिभावकों ने रविवार की रात को राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर अवरोध खड़ा कर दिया.
उल्लेखनीय है कि हाल ही में विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यालय के साईनबोर्ड में इस्लामपुर की जगह ईश्वरपुर लिखे जाने को लेकर शिक्षा विभाग ने उक्त कदम उठाया है.
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल के पते मामूली सी गलती को लेकर विद्यालय प्रबंधन से बातचीत किये बिना या स्पष्टीकरण मांगे बिना मान्यता रद्द करना अतिवादी कदम है. इससे दोनों विद्यालयों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है. इसी का प्रतिवाद करने के लिए अभिभावकों ने पथावरोध किया.
करीब पांच घंटे तक पथावरोध चलने के बाद अवरोध हटा लिया गया. जानकारी अनुसार पथावरोध की सूचना मिलने पर विद्यालय निरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर अभिभावकों के प्रतिनिधियों से बात की. लेकिन अभिभावकों के एक बड़े हिस्से द्वारा बातचीत के लिए राजी नहीं होने पर यह वार्ता स्थगित करनी पड़ी.
उधर, सरस्वती विद्या मंदिर और सरस्वती शिशु मंदिर के साईनबोर्ड पर अचानक इस्लामपुर से नाम बदलकर ईश्वरपुर किये जाने के बाद बदले हालात को देखते हुए विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में विद्यालय के विद्यार्थियों का दाखिला अन्य विद्यालयों में कराने को लेकर प्रयास शुरु कर दिया है.
रविवार को ही इस विषय में इस्लामपुर के एसडीओ के कार्यालय में प्रशासन के साथ अभिभावकों की बैठक होने वाली थी. लेकिन जब बातचीत के लिए विद्यालय निरीक्षक सुजीत माइती पहुंचे तो अधिकतर अभिभावकों ने उनसे बातचीत करने से मना कर दिया. उसके बाद ही रात को इस्लामपुर बस स्टैंड के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को जाम कर प्रतिवाद जताया.
अभिभावकों का कहना है कि नाम बदले जाने को लेकर अचानक स्कूलों की मान्यता रद्द करना अन्यायपूर्ण कदम है. इससे परीक्षा के समय विद्यार्थियों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है. अगर शिक्षा विभाग अपने फैसले नहीं बदलता है तो अभिभावक वृहद आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेंगे. सड़क अवरोध को लेकर करीब पांच घंटे तक आवागमन बाधित रहा.

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