सिलीगुड़ी : वर्ष 2019 की शुरुआत से ही विरोधी श्रमिक संगठनों ने केंद्र की भाजपा सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है. भाजपा विरोधी श्रमिक संगठनों ने वर्ष 2019 के 8 व 9 जनवरी को भारत बंद का आह्वान किया है. श्रमिकों की वेतन वृद्धि सहित असम के एनआरसी मसले को लेकर भारत बंद का निर्णय श्रमिक संगठनों ने लिया है.
बुधवार को भाजपा विरोधी श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच ने बंद का ऐलान किया . पत्रकार सम्मेलन में उपस्थित कांग्रेस समर्थित आईएनटीयूसी के आलोक चक्रवर्ती ने बताया कि उत्तर बंगाल के चाय श्रमिकों की वर्षों पुरानी मांग न्यूनतम मजदूरी का मसला अभी तक हल नहीं हुआ. इसके लिए जितनी राज्य सरकार जिम्मेदार है, उतनी केंद्र सरकार भी है.
इसके अलावे भी निजी कंपनियों व फर्म के कर्मचारियों का वेतन महंगाई के अनुरूप नहीं बढ़ाया गया है. वहीं दूसरी ओर पड़ोसी राज्य असम में भाजपा सरकार ने एनआरसी लागू कर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न कर दी है. एनआरसी को लेकर एक दूसरे की जान लेने पर लोग उतारू हो गये हैं. असम में हाल मे ही पांच बंगालियों को मौत के घाट उतार दिया गया.
माकपा समर्थित सिटू नेता नेता समन पाठक व माले नेता अभिजीत मजूमदार ने बताया कि इन्हीं मुद्दों को लेकर जनवरी महीने की 8 व 9 जनवरी को भारत बंद का आह्वान किया गया है. बंद की तैयारी को लेकर आगामी 18 नवंबर को मित्र सम्मिलनी हॉल में एक सभा का आयोजन किया गया. इसके साथ ही एनआरसी मसले पर 15 नवंबर को दार्जिलिंग जिला माकपा कार्यालय अनिल विश्वास भवन में भी एक सेमिनार का आयोजन किया गया है.
