सिलीगुड़ी : बंगाल सफारी पार्क में तेंदुए के हमले की घटना के बाद वहां लेपर्ड सफारी बंद कर दिया गया है. हमले की यह घटना 2 दिन पहले घटी है. तब एक तेंदुए ने अचानक सफारी पार्क के ही कर्मचारी सुरेंद्र सिंह पाल पर हमला कर दिया था. घायल सुरेंद्र सिंह पाल की चिकित्सा उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रही है.
इस घटना के बाद शुक्रवार को बंगाल सफारी पार्क में लेपर्ड सफारी को बंद कर दिया गया. जिससे तेंदुए को देखने आए काफी संख्या में पर्यटक निराश होकर वापस लौट गए. हालांकि बंगाल सफारी पार्क में घूमने पर कोई रोक-टोक नहीं है. शुक्रवार को भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही सफारी पार्क खुला. काफी संख्या में पर्यटक सफारी पार्क घूमने के साथ-साथ लेपर्ड सफारी भी देखना चाह रहे थे. लेपर्ड सफारी देखने के लिए यहां अलग से टिकट लेना पड़ता है.
आज इस टिकट काउंटर को खोला ही नहीं गया. जिसकी वजह से तेंदुए को देखने आए पर्यटक काफी निराश हुए. ऐसे पर्यटक बंगाल सफारी पार्क देख कर ही वापस लौट आए. इसबीच, तेंदुए के हमले में घायल कर्मचारी सुरेंद्र सिंह पाल की स्थिति में सुधार हो रही है. उसके गले पर तेंदुए ने हमला किया था. फिलहाल व कर्मचारी ठीक है. दूसरी ओर हमला करने वाले तेंदुए की भी पहचान कर ली गई है. बंगाल सफारी पार्क सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यहां लेपर्ड सफारी में सचिन तथा सौरभ नाम के दो तेंदुए रहते हैं.
इसमें से सचिन ने उस कर्मचारी पर हमला किया था. दूसरी ओर बंगाल सफारी पार्क प्रबंधन भी इस मामले की जांच कर रही है. प्रारंभिक जांच के बाद हमले में घायल कर्मचारी सुरेंद्र सिंह पाल की लापरवाही सामने आई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बंगाल सफारी पार्क में बाघ, तेंदुआ तथा कई वन्य प्राणी हैं. हर दिन ही इन वन्यजीवों को देखने के लिए काफी संख्या में लोग बंगाल सफारी पार्क आते हैं.
इन जंगली जानवरों पर निगरानी रखने के लिए कई मॉनिटरिंग कमिटी बनाई गई है. इस कमेटी के सदस्य एक विशेष प्रकार की गाड़ी में जंगली जानवरों की निगरानी करते हैं. अगर कोई जंगली जानवर गाड़ी पर हमला भी कर दे तो उससे किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है. सूत्रों ने बताया कि उस दिन सुरेंद्र सिंह पाल अपनी गाड़ी से नीचे उतर आया था और एक तेंदुए की मोबाइल से फोटो ले रहा था. यही उसके लिए काल साबित हुआ.अचानक सचिन नामक तेंदुए ने उछलकर उसका गला पकड़ लिया.
तेंदुए के हमले के बाद वह जमीन पर गिर पड़ा. वह किसी तरह से भागकर गाड़ी में आ गया और अपनी जान बचाई. सुरेंद्र सिंह पाल इससे पहले भी लापरवाही बरत चुका है.उसके खिलाफ इस प्रकार की कई शिकायतें हैं. बंगाल सफारी पार्क के निदेशक अरुण मुखर्जी का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है. इससे पहले भी सुरेंद्र सिंह पाल मॉनिटरिंग के दौरान गाड़ी से नीचे उतर चुका है. उसे कड़ी चेतावनी पहले भी दी जा चुकी है. उसके बाद भी उसने ऐसी लापरवाही बरती. वह गाड़ी के नीचे क्यों उतरा था, इसकी भी जांच की जा रही है. स्वस्थ होने के बाद उससे पूछताछ की जाएगी.
