सिलीगुड़ी : दिन पर दिन पेट्रोल एवं डीजल की बढ़ती कीमत तथा महंगाई के खिलाफ 30 अक्टूबर को राज्यव्यापी आंदोलन को माकपा ने स्थगित कर दिया है. माकपा की ओर से कल विभिन्न पेट्रोल पंपों के सामने केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ धरना प्रदर्शन कार्यक्रम था. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज से उत्तर बंगाल दौरे पर हैं.
माकपा को इस आंदोलन की अनुमति पुलिस से नहीं मिली. इसी कारण से इस आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है. अब माकपा ने सिलीगुड़ी में 2 नवंबर को धरना प्रदर्शन करने का फैसला किया है. इसके साथ ही माकपा ने केन्द्र में भाजपा तथा राज्य में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा चैलेंज बताया है. पार्टी ने भाजपा तथा आरएसएस पर सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप भी लगाया है.
सोमवार को हिलकार्ट रोड स्थित अनिल विश्वास भवन में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान माकपा के दार्जिलिंग जिला कमेटी के संयोजक जीवेश सरकार ने बताया कि समय के साथ साथ समानों के दाम बढ़ते जा रहे हैं. उनका केन्द्र सरकार इस समस्या पर कोई खास ध्यान नहीं दे रही. केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ 30 अक्टूबर को विभिन्न पेट्रोल पंपों के सामने तीन घंटे का धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया गया था.
मगर 29 अक्टूबर से लेकर 1 नवंबर तक मुख्यमंत्री का उत्तर बंगाल दौरा होने के चलते पुलिस की ओर से सिलीगुड़ी में उन्हें धरना प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर निशाना साधते हुए कहां कि मुख्यमंत्री के सामने अपने आप को बेहतर साबित करने के लिए अनुमति नहीं दी गई.
उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहां कि मुख्यमंत्री कोलकाता में रहती हैं तो वहां भी विरोधियों सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने का कोई हक नहीं है. मुख्यमंत्री के सफर को ध्यान में रखते हुए 30 अक्टूबर के बदले 2 नवंबर को सिलीगुड़ी के एयरव्यू मोड़, तीनबत्ती मोड़ तथा अन्य कई जगहों पर स्थित पेट्रोल पंपों के सामने धरना प्रदर्शन करने का फैसला लिया है.
अशोक भट्टाचार्य ने कसा तंज
इस मौके पर सिलीगुड़ी के मेयर तथा माकपा के राज्य मंडली के सदस्य अशोक भट्टाचार्य ने तंज कसते हुए कहां कि मेयर होने के नाते हर बार की तरह इस बार भी उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा जताई है. इसके अलावे उन्होंने शहर के ट्रैफिक व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए कहां कि मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए हिलकार्ट रोड के विभिन्न जगहों पर मुख्यमंत्री की तस्वीर इस्तेमाल करने के लिए नये ट्रैफिक प्वाइंट बनाये गए हैं.
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों सरकारी खर्च से शक्तिगढ़ इलाके में रवीन्द्र मंच का निर्माण कराया गया. उसे ना तो सरकार खुद चला रही है और ना ही नगर निगम को चलाने की अनुमति नहीं दी जा रही. जिससे वहां पड़े करोड़ों रूपये के समान नष्ठ हो रहे हैं. उन्होंने केन्द्र में भाजपा तथा राज्य में तृकां को बड़ा चैलेंज बताया है.
