मानव तस्करों के चंगुल से बचकर लौटी शोभा

कालचीनी : चाय बागान की नौकरी से कर्ज का भुगतान नहीं कर पाने की लाचारी ने एक श्रमिक को चंडीगढ़ मानव तस्करों के चंगुल में डाल दिया. एक स्थानीय एजेंट के माध्यम से प्लेसमेट एजेंसी ने उन्हें चंडीगढ़ में एक परिचारिका के रुप में काम पर लगा दिया. यह महिला श्रमिक हैं राजाभात चाय बागान […]

कालचीनी : चाय बागान की नौकरी से कर्ज का भुगतान नहीं कर पाने की लाचारी ने एक श्रमिक को चंडीगढ़ मानव तस्करों के चंगुल में डाल दिया. एक स्थानीय एजेंट के माध्यम से प्लेसमेट एजेंसी ने उन्हें चंडीगढ़ में एक परिचारिका के रुप में काम पर लगा दिया. यह महिला श्रमिक हैं राजाभात चाय बागान की निवासी शोभा लामा.
उल्लेखनीय है कि एजेंट ने उन्हें बिना बताये ही उनके बेटे को चंडीगढ़ से उनके चाय बागान स्थित घर लेकर आ गयी थी. इस वजह से मुश्किल से आठ माह शोभा ने अपने काम पर बिताकर आखिर में वापस अपने घर आ गयीं. वह अपने 14 साल के बेटे दर्शन को भी साथ में ले गयीं थीं.
शोभा लामा ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ की एक कोठी में परिचारिका के काम पर लगाकर स्थानीय एजेंट मीणा महाली उनके बेटे को साथ में लेकर चुपचाप वापस आ गयी. उल्लेखनीय है कि शोभा लामा राजाभात चाय बागान की निवासी हैं. जब एजेंट उनके बेटे दर्शन लामा को लेकर चाय बागान वापस आयी तो उस समय शोभा के पति नवीन लामा भी तमिलनाडू गये हुए थे. इस वजह से करीब महीनों तक दर्शन को अपने घर में अकेले ही दिन गुजारने पड़े.
शुक्रवार को शोभा के पति नवीन ने बताया कि चंडीगढ़ से उनकी पत्नी खाली हाथ वापस आयी. घर आकर उन्हें पता चला कि चूंकि मीणा महाली को प्लेसमेंट कंपनी ने कमीशन दे दिया था इसीलिये उसे वेतन भी नहीं दिये गये. उन्होंने कालचीनी थाने में एजेंट के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है. इस काम में स्वयंसेवी संगठन सिक्योर हैंड के उपाध्यक्ष प्रीतम मुखिया ने मदद की है. प्रीतम मुखिया ने बताया कि यह एक मानव तस्करी का ही मामला है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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