कलाकार चरचरण दास ने दिया बाइस्कोप को नया लुक

कुशमंडी (दक्षिण दिनाजपुर) : वक्त के जिस दौर में टेलीविजन का नामो-निशान नहीं था उस समय गली-मोहल्लों में बाइस्कोप वालों को कागज के पर्दे पर फिल्म दिखाते हुए देखा जाता था. हालांकि यह बाइस्कोप अब अतीत की यादें भर बनकर रह गये हैं. इसके बावजूद दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुशमंडी के कलाकार चरचरण दास (55) […]

कुशमंडी (दक्षिण दिनाजपुर) : वक्त के जिस दौर में टेलीविजन का नामो-निशान नहीं था उस समय गली-मोहल्लों में बाइस्कोप वालों को कागज के पर्दे पर फिल्म दिखाते हुए देखा जाता था. हालांकि यह बाइस्कोप अब अतीत की यादें भर बनकर रह गये हैं. इसके बावजूद दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुशमंडी के कलाकार चरचरण दास (55) इसी बाइस्कोप के जरिये ग्रामीणों का मनोरंजन कर रहे हैं.
हालांकि उन्होंने इस बाइस्कोप को एक नया लुक देते हुए उसमें कागज के पर्दे की जगह कठपुतलियों को रखा है. इसके साथ ही ग्राहकों की फरमाइश पर वे तरह-तरह के गाने भी सुनाते हैं. इनके बाइस्कोप को एक साथ सात दर्शक देख सकते हैं. फिलहाल ये प्रति ग्राहक तीन रुपये लेते हैं. इससे प्रतिदिन उन्हें 200 रुपये तक की कमाई हो जाती है. इसी से इनके परिवार का भरण-पोषण होता है.
चरचरण दास ने बताया कि पिछले 40 साल से वे इस बाइस्कोप के धंधे में हैं. पहले उनके टिकट की कीमत थी एक रुपया. साइकिल पर अपने बाइस्कोप को लेकर वे गांव-गांव निकल पड़ते हैं. आज के आधुनिक टेलीविजन और स्मार्टफोन के युग में भी बाइस्कोप पराजित नहीं हुआ है. वह आज भी ग्रामीणों के लिए दिल बहलाव का साधन बना हुआ है. चरचरण दास का कहना है कि प्रशासन से अगर उन्हें मदद मिले, तो वे इस बाइस्कोप को और रुचिकर बना सकते हैं. इससे ग्रामीणों के नीरस जीवन में सरस्ता और आनंद मिल जाता है.

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