56 वर्ष बाद कॉमर्स कॉलेज को मिला ठिकाना, कावाखाली में होगा नये भवन का निर्माण, फिलहाल जमीन को घेरने का होगा काम

सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी कॉमर्स कॉलेज शहर के नजदीक कावाखाली में बंगाल सरकार द्वारा निर्मित हस्तशिल्प बाजार के पास स्थानांतरित होने जा रहा है. फिलहाल यह कॉलेज शहर के बीचों-बीच स्थित है और सिलीगुड़ी कॉलेज कैंपस में संचालित हो रहा है. सिलीगुड़ी कॉलेज के प्रशासनिक बिल्डिंग के पास मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म व माइक्रोबायोलॉजी विभाग के […]

सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी कॉमर्स कॉलेज शहर के नजदीक कावाखाली में बंगाल सरकार द्वारा निर्मित हस्तशिल्प बाजार के पास स्थानांतरित होने जा रहा है. फिलहाल यह कॉलेज शहर के बीचों-बीच स्थित है और सिलीगुड़ी कॉलेज कैंपस में संचालित हो रहा है. सिलीगुड़ी कॉलेज के प्रशासनिक बिल्डिंग के पास मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म व माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एक बिल्डिंग में अभी तक कॉमर्स कॉलेज की क्लासें अस्थायी रुप से कॉलेज प्रबंधन 1962 से चला रही है.
56 वर्ष के बाद कॉमर्स कॉलेज का अपना स्थायी ठिकाना कावाखाली में होने जा रहा है. कावाखाली में सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (एसजेडीए) की तीन एकड़ जमीन पर स्थायी रुप से कॉमर्स कॉलेज का नया प्रशासनिक भवन तैयार किया जायेगा. फिलहाल पूरे जमीन को घेरने का काम किया जायेगा. अक्टूबर के पहले सप्ताह से बाउंडरी वाल बननी शुरु होगी.
बाउंडरी वाल का काम पूरा होते ही कॉलेज के निर्माण के लिए शिलान्यास किया जायेगा. कॉलेज प्रबंधन शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आमंत्रित करने के मूड में है. प्रबंधन सूत्रों की माने तो कॉलेज को पूरी तरह स्थानांतरित करने में तकरीबन और दो वर्ष लग जायेगा.
सिलीगुड़ी कॉलेज में कॉमर्स कॉलेज नाइट में संचालित होता है. एक ही कैंपस में दो-दो कॉलेज के संचालन से काफी परेशानियां भी दोनों कॉलेजों के प्रबंधन, प्रोफेसरों और छात्र-छात्राओं को झेलनी पड़ती है. शांति-सुरक्षा को लेकर भी कई बार शिकायतें उठती रही है. सिलीगुड़ी कॉलेज दिन (डे) में संचालित होता है और शाम 4.30 बजे शेष हो जाता है.
इसके बाद ही शाम पांच बजे से रात आठ बजे तक कॉमर्स कॉलेज की क्लासें चलती हैं. लेकिन देखा जाता है कि डे कॉलेज शेष न होते ही दोपहर दो बजे से कॉमर्स कॉलेज के छात्र-छात्राएं कैंपस में भीड़ करना शुरु कर देते हैं. इसके विरोध में सिलीगुड़ी कॉलेज प्रबंधन ने कई बार सख्त रवैया भी अपनाया. कॉमर्स कॉलेज प्रबंधन को भी कई बार सूचित किया गया.
लेकिन आजतक कोई फायदा नहीं हुआ. नवीन वरण (फ्रेसर्स) व वार्षिक सांस्कृतिक समारोह में कई बार छात्रों के बीच हाथापाई और अशांति की घटनाएं भी घट चुकी है. वर्षों से दोनों कॉलेज के बीच शीत लड़ाई चलते आ रहा है. वर्षों से चली आ रही इन समस्याओं का अब निदान होने जा रहा है.
एसजेडीए की तीन एकड़ जमीन में होगा कैंपस, शिलान्यास ममता बनर्जी से कराने की तैयारी
सिलीगुड़ी कॉमर्स कॉलेज का अपना खुद का कैंपस व प्रशासनिक बिल्डिंग के लिए प्रबंधन वर्षों से जद्दोजहद कर रही है. एसजेडीए ने 2009 साल में कावाखाली में तीन एकड़ जमीन कॉमर्स कॉलेज के लिए दी थी. उसी वर्ष से जमीन दखल को लेकर स्थानीय ग्रामीणों के विरुद्ध कोर्ट में कानूनी लड़ाई चल रही थी.
अब यह जमीन पूरी तरह सरकार के दखल में आ गयी और सिलीगुड़ी कॉमर्स कॉलेज को जमीन सौंप दी गयी. फिलहाल जमीन को घेरने के लिए बाउंडरी वाल का काम होगा. टेंडर जारी हो चुका है. अक्टूबर के पहले सप्ताह से ही यह काम शुरु होना है. चारदिवारी का काम पूरा होने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाथों कॉलेज के नये बिल्डिंग के लिए शिलान्यास कराने के लिए प्रबंधन विचार कर रहा है. इसके लिए पर्यटन मंत्री गौतम देव से भी जल्द मुलाकात कर बातचीत की जायेगी.

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