मालबाजार : करीब तीन साल तक बंद रहने के बाद डुवार्स का कुमलाई चाय बागान खुलने जा रहा है. इस खबर से चाय बागान में कार्यरत करीब 1200 श्रमिकों और उनके परिवार में उत्साह है. जानकारी अनुसार मंगलवार को सिलीगुड़ी में ज्वाइंट लेबर कमिश्नर की मौजूदगी में आयोजित त्रिपक्षीय वार्ता में चाय बागान खोलने पर सहमति बनी. इस फैसले के अनुसार नये प्रबंधन के अधिग्रहण करने के बाद आगामी 20 सितंबर से चाय बागान चालू हो जायेगा.
बैठक के बाद ज्वाइंट लेबर कमिश्नर चंदन दासगुप्त ने बताया कि बहुत ही सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई. नये मालिक ने चाय बागान का दायित्व लेने पर रजामंदी दे दी है. श्रमिक संगठन के नेताओं ने भी अपनी सहमति दे दी है. 20 सितंबर को बागान खुलने के बाद मालिकपक्ष ने पुराने मालिक के श्रमिकों पर वर्ष 2015 के बकाये वेतन का श्रमिकों को एक हजार, सब स्टाफ को 1500 और स्टाफ को 2000 रुपये देने का निर्णय लिया है.
मालिकपक्ष के प्रमुख संगठन आईटीपीए के सचिव अमितांशु चक्रवर्ती ने बताया कि इस मालिक के कई और भी चाय बागान हैं. वे बेहतर तरीके से चल रहे हैं. उम्मीद की जानी चाहिये कि ये लोग इस चाय बागान को भी ठीक से चलायेंगे. उल्लेखनीय है कि 2015 में पूजा बोनस को लेकर तनाव के बीच प्रबंधन के लोग अचानक बिना कोई पूर्व सूचना के बागान छोड़कर चले गये.
आज की त्रिपक्षीय वार्ता में तृणमूल समर्थित चाय श्रमिक संगठन के पक्ष से पुलिन गोलदार, इंद्रजीत दास, सीटू पक्ष से चानू दे, आदिवासी विकास परिषद के श्रमिक संगठन पीटीडब्लूयू के श्रमिक संगठन तेज कुमार टोप्पो, अमरदान बाकला के अलावा मालिक पक्ष से अधिवक्ता शांति रंजन पाल की मौजूदगी रही.
